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दस जालसाजों ने 47 करोड़ की ठगी को दिया अंजाम

संक्षेप: गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराध शाखा के तहत दस साइबर ठगों के खिलाफ एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा किया है। इन ठगों ने पूरे भारत में ₹47.29 करोड़ की धोखाधड़ी की है, जिसमें 11,446 शिकायतें और 373...

Tue, 14 Oct 2025 11:38 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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दस जालसाजों ने 47 करोड़ की ठगी को दिया अंजाम

गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। गुरुग्राम पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए दस साइबर ठगों के खिलाफ देशव्यापी ठगी के विशाल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) से आरोपियों के मोबाइल फोन डेटा की जांच के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन ठगों ने पूरे भारत में ₹47 करोड़ 29 लाख की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। जिसके संबंध में 11 हजार 446 शिकायतें और 373 अभियोग दर्ज हैं। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में गुरुग्राम के विभिन्न साइबर अपराध पुलिस थानों की टीमों ने अगस्त और सितंबर 2025 के दौरान इन दस ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी।

इन्हें साइबर अपराध पूर्व, दक्षिण और मानेसर थानों के विभिन्न अधिकारियों ने अलग-अलग मामलों में पकड़ा था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शिवम, मोहमद समीर, रोशनी देवी, सोनू, फिरोज, आदिल (भरतपुर, राजस्थान), रिंकू, रवींद्र उर्फ शुरू, रोहित और पंकज शामिल हैं। ₹47 करोड़ की ठगी का हिसाब रिपोर्ट के अनुसार दस आरोपियों द्वारा की गई ठगी के संबंध में देशभर में 11 हजार 446 शिकायतें और 373 अभियोग दर्ज हैं। ठगी की कुल राशि लगभग ₹47.29 करोड़ है। हरियाणा राज्य में इन आरोपियों के खिलाफ 23 अभियोग दर्ज हैं, जिनमें से 5 मामले अकेले गुरुग्राम जिले के साइबर थानों में दर्ज हैं। ठगी के तरीके और बरामदगी पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी संगठित तरीके से कई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी करते थे। इनमें फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल का उपयोग कर ठगी करना, सेक्स्टॉर्शन (यौन उत्पीड़न की धमकी), इन्वेस्टमेंट फ्रॉड (निवेश के नाम पर धोखा), और फेडेक्स फ्रॉड (फर्जी अधिकारी बनकर धमकाना) शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड और नकद ₹50 हजार बरामद किए थे।