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कहासुनी पर नाबालिग ने गोलियां बरसाकर ली थी हिस्ट्रीशीटर की जान

कहासुनी पर नाबालिग ने गोलियां बरसाकर ली थी हिस्ट्रीशीटर की जान

संक्षेप:

गुरुग्राम पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा की हत्या के मामले को सुलझा लिया है। नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है, जिसने मनोज पर पैसे के लेन-देन को लेकर गाड़ी में गोली चलाई थी। मनोज पर कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे और वह जमानत पर बाहर था। पुलिस अब हथियारों के स्रोत की जांच कर रही है।

Jan 17, 2026 11:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। पुलिस ने खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास हुई दिल्ली के हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा मानेसर ने हत्या के आरोप में नाबालिग को दिल्ली से पकड़ा है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल और खाली मैगजीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग ने कहासुनी पर गोलियां बरसाकर हिस्ट्रीशीटर की जान ली थी। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर मनोज ओझा ने उसे दिल्ली में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के बदले 20 लाख रुपये देने का वादा किया था।

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वारदात करने के बावजूद उसे पैसे नहीं दिए। इसके बाद मनोज उसे और उसके साथी लोकेश को हिसार में किसी की हत्या करने के लिए लेकर गया। वहां भी मनोज ने फिर से 20 लाख रुपये देने की बात कही। हिसार में ये लोग रेकी करने के बावजूद मर्डर करने में असफल रहे। गाड़ी में हुई कहासुनी और फिर हत्या : 13 जनवरी की शाम जब ये बोलेरो गाड़ी से वापस लौट रहे थे, तो टोल प्लाजा के पास रुपयों के लेनदेन को लेकर मनोज और नाबालिग के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्से में आकर नाबालिग ने गाड़ी में रखे अवैध पिस्टल से मनोज ओझा पर फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गया। वारदात के बाद मनोज ने अपने भाई को व्हाट्सऐप पर वॉयस रिकॉर्डिंग भेजकर हमले की जानकारी दी थी, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। हिस्ट्रीशीटर पर हत्या, लूट, डकैती जैसे मामले दर्ज थे : पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 34 वर्षीय मृतक मनोज ओझा एक कुख्यात अपराधी था। उस पर दिल्ली और आसपास के इलाकों में हत्या, लूट, डकैती और चोरी के 16 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे। वह दो मामलों में सजायाफ्ता भी था और साल 2025 में ही जमानत पर बाहर आया था। उप-निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि इस मामले में लोकेश नामक एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। नाबालिग ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस अब इस मामले में इस्तेमाल किए गए हथियारों के स्रोत की जांच कर रही है।