
बोलने में असमर्थ 11 साल के मासूम को पुलिस ने ढूंढा
गुरुग्राम पुलिस ने 11 वर्षीय दिव्यांग बच्चे को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला जो बोल नहीं सकता था और घर का रास्ता भूल गया था। बच्चे की तलाश में पुलिस ने आधुनिक और पारंपरिक तरीकों का सहारा लिया। 24 घंटे के भीतर बच्चे को गाडौली की झुग्गियों से सुरक्षित बरामद कर परिजनों के पास लौटाया गया।
गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। गुरुग्राम पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और मानवीय चेहरे का परिचय देते हुए एक ऐसे 11 वर्षीय बच्चे को सकुशल ढूंढ निकाला, जो बोल पाने में असमर्थ था और अपने घर का रास्ता भूल गया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत बच्चा मात्र 24 घंटे के भीतर अपने माता-पिता की गोद में वापस पहुंच गया। खेलते-खेलते रास्ता भटक गया था मासूम 26 दिसंबर को सेक्टर-नौए एक दिव्यांग बच्चा अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिला, तो पुलिस को सूचित किया गया। बोलने में असमर्थ होने के कारण बच्चे के साथ किसी अनहोनी की आशंका से परिजन बेहद डरे हुए थे।
सेक्टर-09ए थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बच्चे की तलाश के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक तरीके भी अपनाए। पुलिस ने ऑटो-रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर पूरे क्षेत्र में अनाउंसमेंट करवाया। बच्चे की फोटो वाले हजारों पंपलेट्स छपवाकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए गए। पुलिस टीमों ने झुग्गी-बस्तियों और पार्कों की सघन तलाशी ली। गाडौली की झुग्गियों से हुआ बरामद पुलिस की मेहनत रंग लाई और 27 दिसंबर को बच्चे को गाडौली इलाके की झुग्गियों से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पूछताछ (संकेतों के माध्यम से) में पता चला कि बच्चा खेलते हुए घर से काफी दूर निकल आया था और रास्ता भटक गया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपने लाडले को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।

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