
सरपंच समेत सात से पूछताछ होगी
गुरुग्राम में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास पर तैनात सिपाही जगबीर ने आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया कि सामाजिक बहिष्कार और जान से मारने की धमकियों के कारण जगबीर तनाव में थे। पुलिस...
गुरुग्राम। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास पर सुरक्षा में तैनात सिपाही जगबीर की आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गांव की सरपंच समेत सात लोगों से भी पुलिस जल्द पूछताछ करेगी। पुलिस का कहना है कि फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार है। वहीं, बुधवार को पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जगबीर के साथ काम करने वाले पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। मंगलवार सुबह लगभग ढाई बजे जगबीर के सहकर्मी ने गार्ड रूम में उन्हें बेहोशी की हालत में पाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीला पदार्थ निगलने की पुष्टि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जगबीर को तुरंत निकटवर्ती अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीला पदार्थ निगलने की पुष्टि हुई है। जगबीर एक पूर्व सैनिक थे, वह 1996 में सेना में भर्ती हुए थे। वहीं, 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद वह वर्ष 2014 में हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सामाजिक बहिष्कार से तनाव में थे जगबीर जगबीर की पत्नी बबली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चार महीने पहले उनके देवर के बेटे ने गांव की एक लड़की के साथ भागकर शादी कर ली थी। इस घटना के बाद से लड़की पक्ष के लोग उनके पति जगबीर को लगातार फोन पर जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। बबली के अनुसार उन्होंने इस बारे में गांव के सरपंच और उनके पति से मदद मांगी, लेकिन इसके बजाय पूरे गांव में मुनादी करवा दी गई कि जो भी जगबीर के परिवार से बात करेगा या उनकी मदद करेगा उसे 21,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। इस सामाजिक बहिष्कार से तनाव में आकर जगबीर ने आत्महत्या कर ली।

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