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दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देने वाला डॉक्टर धरा

दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देने वाला डॉक्टर धरा

संक्षेप:

गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसी हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक निलबिंत सरकारी डॉक्टर ने खुद को स्वास्थ्य विभा

Jan 12, 2026 07:51 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश किया है। एक निलंबित सरकारी डॉक्टर ने खुद को स्वास्थ्य विभाग का उप-निदेशक बताकर पहले लाखों की ठगी की। बाद में रकम मांगने पर पत्नी के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डीलर को झूठे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी। गुरुग्राम पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉक्टर को पंचकूला से रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। प्रॉपर्टी डीलर ने सेक्टर-50 थाने में दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में उसकी मुलाकात 42 वर्षीय कृष्ण कुमार जैलदार उर्फ केके से हुई। उस समय कृष्ण ने खुद को हरियाणा स्वास्थ्य विभाग का उप-निदेशक बताया और रसूख का हवाला देकर पीड़ित का विश्वास जीत लिया।

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शुरुआत में आरोपी ने बैंक खाता सीज होने और गाड़ी की सर्विस जैसे बहाने बनाकर पीड़ित से धीरे-धीरे छह लाख रुपये उधार ले लिए। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने पैसे लौटाने के बजाय ऊंची पहुंच की धमकी दी। दुष्कर्म के झूठे केस में जेल भिजवाने की बात कही। पत्नी के साथ मिलकर रची साजिश पुलिस के अनुसार, आरोपी कृष्ण कुमार ने अपनी पत्नी को इस साजिश का हिस्सा बनाया। 12 अगस्त 2023 को आरोपी की पत्नी पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पहुंची और धमकी दी कि यदि पैसे मांगे तो अंजाम बुरा होगा। इसके तुरंत बाद, महिला ने पुलिस को ई-मेल के जरिए बलात्कार की फर्जी शिकायत भेज दी। अक्तूबर 2025 में दोबारा लिखित शिकायत दी गई। इसके बाद आरोपी के एक साथी ने बीच-बचाव करते हुए पीड़ित से शिकायत वापस लेने के बदले 16 लाख रुपये की मांग की। नागरिक अस्पताल में दे चुका है सेवा पुलिस पूछताछ में आरोपी कृष्ण कुमार जैलदार ने बताया कि वह एक पेशेवर एमबीबीएस डॉक्टर है। गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल और पंचकूला में तैनात रह चुका है। वर्तमान में वह सरकारी सेवा से निलंबित चल रहा है। उसने स्वीकार किया कि पैसे हड़पने और जेल भेजने के डर से रुपये वसूलने के लिए उसने पत्नी के साथ मिलकर यह हनीट्रैप जैसा जाल बिछाया था। अन्य लोगों की भी भूमिका जांची जा रही गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 जनवरी को आरोपी को पंचकूला से दबोच लिया। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों और उसकी पत्नी की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि झूठे और मनगढ़ंत मामलों से न केवल पुलिस का समय बर्बाद होता है, बल्कि न्याय प्रक्रिया भी बाधित होती है। कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।