
30 दिन में 214 जालसाज दबोचे
गुरुग्राम पुलिस ने नवंबर 2025 में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी सफलता प्राप्त की है। सभी जोनल टीमों ने 214 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों में ₹8.77 करोड़ की राशि को फ्रीज़ किया और साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से ₹3.52 करोड़ की राशि लौटाई। नागरिकों से साइबर ठगी की रिपोर्ट करने की अपील की गई।
गुरुग्राम, प्रमुख संवाददाता। साइबर ठगी और संगठित अपराधों के खिलाफ अपनी लड़ाई में गुरुग्राम पुलिस ने नवंबर-2025 में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। साइबर पुलिस की सभी जोनल टीमों ने एक माह के भीतर 214 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रभावी और त्वरित कार्यवाही का सबसे बड़ा असर पीड़ितों की आर्थिक सुरक्षा पर दिखा है। पुलिस ने त्वरित तकनीकी सहयोग और बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए, संदिग्ध बैंक खातों में ₹आठ करोड़ 77 लाख से अधिक की राशि को होल्ड (फ्रीज़) करवाएं गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से ₹तीन करोड़ 52 लाख से अधिक की राशि सफलतापूर्वक ठगी के शिकार हुए नागरिकों के खातों में रिफंड भी कराई गई है।

जालसाजों के मॉड्यूल पर कार्रवाई गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश ठगी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े अपराधी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संगठित साइबर गिरोहों की पहचान करके उन पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस बैंकिंग, टेलीकॉम और वित्तीय संस्थानों के साथ रीयल-टाइम समन्वय स्थापित कर रही है। पुलिस की नागरिकों से अपील गुरुग्राम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिल्कुल भी देर न करें और तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और इसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी आग्रह किया है कि नागरिक किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप डाउनलोड या अज्ञात कॉल पर वित्तीय व व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें। नागरिकों की जागरूकता ही साइबर अपराधों के विरुद्ध इस व्यापक लड़ाई में सबसे बड़ा हथियार है।

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