जालसाजों को किराए पर बैंक खाता देने वाले दो दोस्त गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने जालसाजों को बैंक खाता उपलब्ध कराने के आरोप में सुमित और नरेंद्र को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों ने कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को खाता बेचा, जिसका इस्तेमाल 3.50 करोड़ रुपये की ठगी के लिए किया गया। पुलिस अब मुख्य ठगों की तलाश कर रही है।

गुरुग्राम,गौरव चौधरी। जालसाजों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराकर ठगी की रकम ठिकाने लगाने में मदद करने वाले दो आरोपियों को गुरुग्राम पुलिस की साइबर दक्षिण टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुमित निवासी रोहतक और नरेंद्र कुमार निवासी हिसार के रूप में हुई है। इन आरोपियों ने महज कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को बैंक खाता बेचा था, जिसका इस्तेमाल साढ़े तीन करोड़ रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम देने के लिए किया गया। 12 मार्च 2026 को थाना साइबर दक्षिण में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे भारी रिटर्न का झांसा देकर निवेश के नाम पर लगभग तीन करोड़ 50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जब पैसों के लेन-देन की जांच की, तो कड़ियां इन आरोपियों से जुड़ गई।पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सुमित और नरेंद्र गहरे दोस्त हैं। उन्होंने ठगों के साथ मिलकर एक साजिश रची, जिसके तहत नरेंद्र के नाम पर एक बैंक खाता खुलवाया गया। इस खाते को उन्होंने साइबर ठगों को कमिशन के आधार पर उपलब्ध करवा दिया। जांच में पता चला कि 3.50 करोड़ रुपये की कुल ठगी में से 43 लाख रुपये सीधे इसी खाते में ट्रांसफर किए गए थे।साइबर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए सुमित को 10 अप्रैल और नरेंद्र को 12 अप्रैल को रोहतक से गिरफ्तार किया। सुमित को चार दिन के पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि नरेंद्र फिलहाल दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। पुलिस अब उन मुख्य साइबर ठगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्हें यह खाता बेचा गया था।
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