
जमीन खरीद का लेनदेन पूरा होने के बाद ही रजिस्ट्री होगी
पड़ताल:-तहसीलों में ऑनलाइन रजिस्ट्री क्रांति के दौरान भुगतान की पूरी जानकारी देनी होगी -अधिकारी और कर्मचारी नई प्रणाली के साथ तालमेल बैठाने में दिक्कत
गुरुग्राम। जिले की तहसीलों में रजिस्ट्री ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही है। कादीपुर, गुरुग्राम और वजीराबाद तहसीलों में ऑनलाइन रजिस्ट्री में कमी के बारे में पड़ताल की गई। रजिस्ट्री कराने आए लोगों ने कहा कि जमीन खरीद का लेनदेन करने का पूरा ब्योरा देने पर ही रजिस्ट्री होती है, नहीं जो टोकन कैंसिल कर दिए जा रहे है। पहले तहसीलों में यह प्रक्रिया नहीं थी, जब से ऑनलाइन शुरू हुई है। तभी से यह परेशानी आ रही है। तहसील कर्मियों ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए साफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद अब पार्टनरशिप डीड अथवा कोलेब्रेशन डीड में टर्म एंड कंडीशन लिखने के शब्दों की सीमा 500 से बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है।

इसके चलते डीड साइन करने वाली पार्टियां अपनी सुविधा के अनुसार नियम व शर्तों को बढ़ा सकते हैं। पुराने शहरी क्षेत्रों से खेवट-खसरा कालम हटा दिया गया है। 12 नवंबर से रिवर्ट विद आब्जेक्शन फीचर को शुरू कर दिया गया। इसमें दस्तावेज संलग्न करने में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। अब नाम में थोड़े अंतर के कारण आवेदन को नहीं रोका जाएगा। अब तक ऑनलाइन तरीके से 275 से अधिक रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। 600 से अधिक आवेदन कैंसिल हुए: तहसीलों में 19 दिनों में 600 से अधिक आवेदन आए हैं। इन आवेदनों में दस्तावेजों की कमी के कारण कैंसिल कर दिए गए हैं। कादीपुर तहसील के अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन करने में दिक्कतें आ रही है। 1 से 20 नवंबर तक 30 आवेदन आए हैं। इसमें मात्र रजिस्ट्री हुई है। बाकी 27 आवेदनों को टोकन दिए गए थे। कमी की वजह से आवेदनों को कैंसिल हो गए हैं। इसी तरह वजीराबाद तहसील में दो दिनों में 25 रजिस्ट्री ऑनलाइन हुई है। अन्य तहसीलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया पांच से दस की है। हेल्प डेक्स खाली पड़े रहे: गुरुग्राम तहसील में तीन हेल्प डेक्स बनाए गए हैं। लेकिन एक भी हेल्प डेक्स पर कोई व्यक्ति नहीं दिखाई दिया। यहां पर मात्र 25 रजिस्ट्रियां ऑनलाइन हुई। जबकि 25 आवेदन पड़े हैं। इनमें दस्तावेजों की कमी से रजिस्ट्री नहीं हुई। यहां पर अधिकारी और कर्मचारी नई प्रणाली के साथ तालमेल बैठाने में दिक्कत आ रही है। इससे ऑनलाइन रजिस्ट्री में कई अभी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहे हैं। कादीपुर तहसील में मैनुअल रजिस्ट्री कराने में जमीन खरीद का लेनदेन नहीं दिखाना पड़ता था। लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब पूरा ब्योरा देना पड़ता है। ऑनलाइन भुगतान की जानकारी देने के बाद ही ऑनलाइन रजिस्ट्री हो रही है। इससे ऑनलाइन रजिस्ट्रियां कराने में समस्या बन गई है। विनोद कुमार निवासी सेक्टर-9 तहसील में रजिस्ट्री ऑनलाइन होने से दस्तावेज में कमी होने से कैंसिल हो रहा है। तहसील से टोकन मिलता है, दस्तावेज सत्यापन होने के बाद टोकन होने के बाद कई दिनों तक तहसीलों में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसमें तहसील कर्मियों को भी जानकारी नहीं होती है। रणधीर सिंह, निवासी कादीपुर शुक्रवार तक 25 रजिस्ट्री हो चुकी थी। 35 से अधिक आवेदन आए थे। आवेदनों में कमी होने पर नए सॉफ्टवेयर में कैंसिल हो जाते हैं। लोगों को जानकारी के लिए तीन हेल्प डेक्स बने हैं। यहां पर लोगों को आवेदन करने की जानकारी दी जाती है। विजय कुमार यादव जिला राजस्व अधिकारी गुरुग्राम

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