
शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए निगम ने तैयार किया 744 करोड़ का प्रस्ताव
- शहर की सड़कों की सफाई के लिए 39 नई रोड स्वीपिंग मशीनें और 1,500 कर्मचारियों की होगी भर्ती
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने और वायु प्रदूषण की समस्या से निर्णायक रूप से लड़ने के लिए एक महत्वकांक्षी योजना तैयार की है। इसके तहत नगर निगम ने 39 नई रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने और 1,500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को नियुक्त करने का प्रस्ताव शुक्रवार को हरियाणा सरकार को भेजा है। पांच साल की इस विशाल परियोजना पर अनुमानित 744 करोड़ की लागत आएगी। निगम की इस योजना में शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह बदल जाएगी। सड़कों इन मशीनों से सभी सड़कों की सफाई होगी तो वहीं 1500 सफाई कर्मचारी अतिरिक्त बढ़ने से शहर के कॉलोनी और सेक्टरों की गलियों में भी सफाई व्यवस्था बेहतर होगी।
बता दें कि शहर में बीते दो साल से सफाई व्यवस्था का बूरा हाल है। तय समय पर ना तो लोगों के घरों से कूड़ा उठ रहा है और ना ही सड़कों व गलियों में भी सफाई हो रही है। - सफाई कर्मचारियों की संख्या में बड़ा इजाफा यह योजना गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को बड़ा सहारा देगी। वर्तमान में नगर निगम गुरुग्राम के पास आउटसोर्सिंग और सीधी भर्ती से कुल पांच हजार सफाई कर्मचारी हैं। 1,500 और कर्मचारियों के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 6,500 हो जाएगी। यानी सफाई कर्मचारियों की संख्या में लगभग 30 फीसदी की वृद्धि होगी। फिलहाल शहर में जो पांच हजार सफाई कर्मचारी सफाई में लगे हुए हैं उनमें से 1800 कर्मचारी निजी एजेंसियों के है जबकि 3200 कर्मचारी निगम रोल पर लगे हुए हैं। इसके बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था का बूरा है। आरोप है कि पांच हजार सफाई कर्मचारियों में से मुश्किल से तीन हजार कर्मचारी ही मुश्किल से रोजाना सफाई करते हैं। अन्य सफाई कर्मचारी कभी ड्यूटी पर नहीं आते हैं। निगम पार्षदों व गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा ने इनकी जांच करने की बात सदन की बैठक में कही थी। - 39 नई मशीनों से होगी 3500 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई नगर निगम गुरुग्राम का यह 744 करोड़ का स्वच्छ गुरुग्राम मेगा प्लान केवल सड़कों की सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है। निगम द्वारा 39 नई रोड स्वीपिंग मशीनों को खरीदने की योजना तैयार की है। इन 39 मशीनों से शहर की 3500 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई निगम द्वारा की जाएगी। नई मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें सड़कों से धूल के महीन कणों को प्रभावी ढंग से हटा देंगी, जिससे शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह मशीनें और अतिरिक्त कर्मचारी मिलकर शहर की सड़कों की सफाई करेंगे। इसमें वे नए क्षेत्र भी शामिल होंगे जहां अब तक यांत्रिक सफाई नहीं होती थी। नगर निगम के पास वर्तमान में जो 16 पुरानी मशीनें हैं, उन्हें नई मशीनें आने पर सेवा से बाहर कर दिया जाएगा। - पार्षदों की चिंता, निगम की कार्रवाई यह योजना इसलिए भी जल्दबाजी में तैयार की गई है, क्योंकि हाल ही में सदन की बैठक में कई निगम पार्षदों ने खराब सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की कमी को लेकर निगम अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। पार्षदों की इस निगरानी और जनता की मांग के बाद ही निगम प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशते हुए यह बड़ा प्रस्ताव तैयार किया। - शहर के लोगों को सीधा फायदा: बढ़ी हुई कर्मचारियों की संख्या से रिहायशी कॉलोनियों और तंग गलियों में मैनुअल सफाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा। सड़क और हवा की गुणवत्ता सुधरने से शहरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य और आवाजाही में आसानी मिलेगी, जिससे गुरुग्राम की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। यह परियोजना पांच साल की अवधि के लिए होगी। मशीनों के संचालन और रखरखाव ऑपरेशन एंड मेंटिनेंस (ओएंडएम) के लिए दो विशेष एजेंसियों को नियुक्त किया जाएगा। निगम पर्यावरण के अनुकूल सीएनजी पर चलने वाली मशीनें खरीदने पर ज़ोर दे रहा है। इसका प्रस्ताव बनाकर सरकार को अनुमति के लिए भेज दिया है। - प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम।

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