
संपत्ति को नीलाम होने से बचाने का आखिरी मौका
- चालू वित्त वर्ष में 295 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली, 55 संपत्तियां सील और 410 को नोटिस, ऑनलाइन बोली लगाकर बकाया वसूलेगा निगम
गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम गुरुग्राम ने संपत्तिकर न भरने वाले बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई का खाका तैयार कर लिया है। निगम एक महीने की मोहलत के बाद भी टैक्स जमा न करने वाली संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी करेगा। एक तरह से बकायेदारों के लिए आखिरी मौका है। नगर निगम की टैक्स ब्रांच ने बीते दो महीनों में उन 50 से अधिक संपत्तिकर डिफॉल्टरों की संपत्तियों को सील किया है, जिन पर 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया था। सीलिंग की कार्रवाई के बाद लगभग 50 फीसदी लोगों ने अपना बकाया टैक्स जमा करवा दिया है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन मालिकों ने सीलिंग के एक महीने बाद भी भुगतान नहीं किया है, उनकी संपत्तियों की ऑनलाइन बोली लगाकर नीलामी की जाएगी ताकि सरकारी राजस्व की भरपाई हो सके।
410 नोटिस और 30 करोड़ की अतिरिक्त वसूली राजस्व बढ़ोतरी के लिए निगम ने अब तक 410 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों और 55 संपत्तियों को सील करने के बाद निगम के खजाने में 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जमा हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आने वाले महीनों में और भी तेज किया जाएगा। प्रमाण देने का दायित्व अब प्रॉपर्टी मालिक पर निगम ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई संपत्ति पीजी के रूप में उपयोग हो रही है, तो उसके व्यावसायिक उपयोग का प्रमाण देने का दायित्व मालिक का होगा। डिफॉल्ट रूप से यह माना जाएगा कि प्रॉपर्टी का उपयोग पीजी के रूप में वर्ष 2010-11 से या निगम सीमा में शामिल होने के समय से ही किया जा रहा है। यदि किसी मालिक के पास यह सिद्ध करने के लिए वैध दस्तावेज हैं कि पीजी का संचालन बाद में शुरू हुआ, तो वे सुधार आवेदन या अपील दायर कर सकते हैं। वर्जन--- निगम का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था के तहत निष्पक्ष टैक्स निर्धारण करना है। संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे नीलामी और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई से बचने के लिए समय पर अपना संपत्तिकर जमा करवाएं। - प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम।

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