Gurgaon News: अवैध निर्माणों पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने पर जेई निलंबित
Gurgaon News: गुरुग्राम नगर निगम ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में कड़े निर्देशों के बाद एक जूनियर इंजीनियर को निलंबित किया है। आरोप है कि उन्होंने रिश्वत लेकर कई अवैध ढांचों को छोड़ दिया। निगम आयुक्त द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, इस अधिकारी के खिलाफ विभागीय चार्जशीट भी जारी की जाएगी।

Gurgaon News: गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम गुरुग्राम ने भोंडसी क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई में गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोप में एक जूनियर इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन का यह आदेश निगम आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से आए एक अन्य संदेश में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले में संलिप्त एक सहायक अभियंता को भी निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, निगम अधिकारियों का कहना है कि एई को निलंबित करने का अधिकार केवल शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक के पास होता है, इसलिए मुख्यालय से उनके निलंबन का आधिकारिक आदेश आना अभी बाकी है。
अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई
इस पूरे मामले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह मामला भोंडसी में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के नीचे बने अवैध मकानों को ढहाने की कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस बिजली लाइन के कॉरिडोर में दर्जनों अवैध ढांचे बने हुए थे, लेकिन तोड़फोड़ दस्ते ने केवल एक ही मकान को ध्वस्त किया। जूनियर इंजीनियर पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर मोटी रिश्वत (अवैध वसूली) लेकर बाकी के अवैध निर्माणों और मकानों को हाथ तक नहीं लगाया और उन्हें छोड़ दिया। निगम के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले सख्त निर्देशों के आधार पर जेई को सस्पेंड कर दिया गया है। प्राथमिक आरोप यही हैं कि हाईटेंशन लाइन में बाधा बन रहे कई ढाचों में से सिर्फ एक को तोड़ा गया और बाकी को छोड़ दिया गया। अब विभागीय जांच के जरिए पूरे सच का पता लगाया जाएगा।
निलंबन आदेश और जांच प्रक्रिया
निगम आयुक्त द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार, इस अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अलग से एक विभागीय चार्जशीट जारी की जाएगी। निलंबन अवधि के दौरान उक्त अधिकारी को बिना पूर्व अनुमति के अपना मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। सस्पेंशन पीरियड के दौरान इस अधिकारी का मुख्यालय नगर निगम हिसार तय किया गया है और उन्हें वहीं रिपोर्ट करनी होगी। इस दौरान उन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत केवल निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार और प्रवर्तन की कार्रवाई में किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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