अवैध निर्माणों पर निगम की कार्रवाई सिर्फ दिखावा

अवैध निर्माणों पर निगम की कार्रवाई सिर्फ दिखावा

संक्षेप:

- निगम द्वारा गठित इनफोर्समेंट की टीमें नहीं कर रही है कोई कार्रवाई, नोटिस भेजकर की जा रही है खानापूर्ति अवैध निर्माणों पर निगम की सिर्फ दिखावा

Sep 16, 2025 01:32 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। गुरुग्राम नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम अवैध निर्माणों को तोड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में हर महीने एक हजार से ज्यादा अवैध निर्माण हो रहे हैं, जबकि इस दौरान केवल 40 से 50 बिल्डिंग प्लान ही मंजूर हो रहे हैं। इस वजह से न सिर्फ शहर का ढांचा बिगड़ रहा है, बल्कि निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है। निगम के जोन-4 में आने वाले वजीराबाद, तुलीप चौक के आसपास, बादशाहपुर और सरस्वती विहार जैसे इलाकों में खुलेआम अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन इंफोर्समेंट टीम ने इन्हें रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।

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अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस भेजे गए हैं और जल्द ही तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी, लेकिन हकीकत यह है कि इन नोटिसों से सिर्फ फाइलें मोटी हो रही हैं। निगम की कार्रवाई में सिर्फ छज्जे या दीवारें तोड़ी जाती हैं, जबकि पूरी बिल्डिंग या कॉलम को छुआ तक नहीं जाता। इसका फायदा उठाकर बिल्डर टूटे हुए हिस्सों को फिर से बना लेते हैं। एक ही विंग में जमे जेई-सुपरवाइजर इस लापरवाही की एक बड़ी वजह इंफोर्समेंट विंग में लंबे समय से जमे हुए जेई और सुपरवाइजर हैं। पिछले कई सालों से उनका तबादला नहीं किया गया है, जिससे वे अपने काम को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जोन-4 में एसडीओ आरके मोंगिया के साथ तीन जेई रोहित जाखड़, कपिल और प्रदीप शर्मा तैनात हैं, जो लंबे समय से इसी विंग में काम कर रहे हैं। एसडीओ मोंगिया ने आश्वासन दिया है कि इस हफ्ते के अंत तक अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अवैध निर्माणों के अलावा, जिन इमारतों के नक्शे पास हो चुके हैं, वे भी नियमों के अनुसार नहीं बन रही हैं और बाद में मालिक ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) नहीं ले रहे हैं। निगम ऐसे मामलों में भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।