
बालियावास में तीन एकड़ जमीन पर आधुनिक गौशाला बनाने की तैयारी
गुरुग्राम नगर निगम ने लावारिस पशुओं की समस्या से निपटने के लिए बालियावास गांव में 10 करोड़ रुपये की लागत से एक नई गौशाला बनाने का निर्णय लिया है। गौशाला में चार से पांच शेड होंगे, जिसमें एक पशु अस्पताल होगा। यह कदम शहर में पशुओं को बेहतर आश्रय और चिकित्सा सुविधा प्रदान करेगा।
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने शहर में लावारिस पशुओं की समस्या से निपटने और गोवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। निगम ने बालियावास गांव में तीन एकड़ जमीन पर एक नई और आधुनिक गौशाला बनाने की योजना तैयार की है, जिसके लिए 10 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए एफ एंड सीसी (वित्त एवं संविदा समिति) की बैठक में रखा गया है। बता दें कि नगर निगम फिलहाल दो मुख्य गौशालाएं कार्टरपुरी और चौमा को संचालित करता है। ये दोनों गौशालाएं लगातार अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक भरी रहती हैं, जिसके कारण प्रशासन को लावारिस पशुओं को पकड़ने और उन्हें आश्रय देने में गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ता है।
जगह की कमी के कारण कई बार पशुओं को अस्थायी रूप से नूंह जैसे बाहरी जिलों में भी भेजा जाता है। इस समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए ही तीसरी गौशाला का निर्माण किया जा रहा है। गौशाला में ये सुविधाएं मिलेंगी निगम की योजना इस नई गौशाला को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की है। 10 करोड़ की लागत से बनने वाली इस गौशाला में पशुओं के लिए चार से पांच शेडों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से एक शेड को गौशाला का अस्पताल बनाया जाएगा, जबकि अन्य शेड पशुधन चारा, भंडारण और पशुओं के रहने के लिए समर्पित होंगे। इसमें प्लंबिंग और सैनेटरी कार्य, रोड वर्क, मजबूत बाउंड्री वॉल और भूमिगत पानी की टंकी का निर्माण शामिल है, जिससे गौशाला का प्रबंधन सुचारू रूप से चल सके। यह नई गौशाला न केवल लावारिस पशुओं को आश्रय देगी, बल्कि उन्हें बेहतर चिकित्सा और देखभाल भी सुनिश्चित करेगी। सड़कों पर जाम का कारण बन रहे पशु शहर में चौक-चौराहों के अलावा सड़कों पर लावारिस पशुओं का जमवाड़ा लगा रहता है। बीते तीन माह से निगम ने जिन एजेंसियों को यह काम सौंपा हुआ था, उन एजेंसियों के पास पर्याप्त संसाधन ही मौजूद नहीं थे। इस कारण शहर में लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए निगम की तरफ से सिर्फ खानापूर्ति की जा रही थी। पशुओं को पकड़ने के नाम पर सिर्फ बिल बनाए जा रहे थे। पूर्व में निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों व वाहन चालकों को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। निगम की तरफ से गांव बालियावास में नई गौशाला का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर दस करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। वित्त एंव संविदा की बैठक में अनुमति के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। - संदीप सिहाग, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम

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