घरों में पानी का मीटर लगाने के नए मानक बने

हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। नगर निगम क्षेत्र में पानी के मीटर लगाने के लिए नगर

घरों में पानी का मीटर लगाने के नए मानक बने

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। नगर निगम क्षेत्र में पानी के मीटर लगाने के लिए नगर निगम ने पहली बार नए मानक जारी किए हैं। नए मानक जारी करने का निगम का मुख्य मकसद शहर में पानी की बर्बादी रोकने, जल उपभोग की सटीक माप और बिल प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने का है। निगम द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब नगर निगम क्षेत्र में सभी घरेलू एवं व्यावसायिक पानी के कनेक्शनों पर केवल मानक वाले ही पानी के मीटर ही लगाए जाएंगे।

निगम अधिकारियों का मानना है

निगम अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से अवैध पानी के कनेक्शनों में कमी आएगी। इसके अलावा अवैध रूप से हो रहे पानी के उपयोग पर भी लगाम कसी जा सकेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। नगर निगम गुरुग्राम के इस फैसले से शहर की पूरी जल आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। आंकड़ों के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में करीब एक लाख 93 हजार पानी के कनेक्शन हैं, जिनमें से केवल 50 हजार लोगों ने ही पानी के मीटर लगवाए हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ, शहर में कुल सात लाख 20 हजार संपत्तिकर आईडी हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार तीन लाख से अधिक अवैध पानी के कनेक्शन चल रहे हैं। इस बड़ी गड़बड़ी को ठीक करने के लिए निगम ने अब बिना मानक वाले और सिंगल जेट मीटरों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

मीटरों के लिए तय किए गए कड़े मानक

नगर निगम द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी वाटर मीटर आईएसआई मार्क युक्त होने चाहिए। इसके साथ ही ये मीटर भारतीय मानक ब्यूरो के आईएस 779:1994 और आईएसओ 4064 क्लास-बी मानकों के अनुरूप होने अनिवार्य हैं। नए नियमों के तहत मीटर मल्टी जेट, मैग्नेटिक ड्रिवन या इंफेरेंशियल टाइप के होंगे, जिनकी रीडिंग क्षमता कम से कम 5 डिजिट इनलाइन रीडिंग की होगी।

टैंपर-प्रूफ और लीकेज-प्रूफ होना जरूरी

आदेशों में कहा गया है कि सभी वाटर मीटर पीतल या ब्रॉन्ज इंजीनियरिंग ग्रेड मटेरियल से बने होने चाहिए। मीटरों में टैंपर-प्रूफ और लीकेज-प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था का होना अनिवार्य है ताकि कोई इनसे छेड़छाड़ न कर सके। मीटर पर निर्माता का सीरियल नंबर, फ्लो की दिशा, निर्माण वर्ष तथा क्लास-बी मार्किंग साफ लिखी होनी चाहिए। केवल वही मीटर मान्य होंगे जिन्हें भारत सरकार के अधीन फ्लूड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रमाणित किया गया हो।

नियमों को न मानने पर कटेगा कनेक्शन

निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए जल कनेक्शन देने, पुराने मीटर बदलने और रूटीन चेकिंग के दौरान इन मानकों का कड़ाई से पालन कराएं। मीटर ऐसी जगह लगाए जाएं जहां आसानी से पहुंचकर रीडिंग ली जा सके। नगर निगम ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों और अवैध कनेक्शन चलाने वालों के खिलाफ नगर निगम नियमों एवं जल आपूर्ति विनियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुग्राम नगर निगम ने नए मानक किसके लिए जारी किए हैं?
गुरुग्राम नगर निगम ने पानी के मीटर लगाने के लिए नए मानक जारी किए हैं।
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