विकास परियोजनाओं को लेकर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं, 400 करोड़ की परियोजनाएं चल रही धीमी
- वजीराबाद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और शीतला माता मंदिर के विकास कार्य में भारी देरी विकास परियोजनाओं को लेकर निगम अधिकारी गंभीर नहीं, 400

गुरुग्राम। शहर में विकास कार्यों पर निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर लोगों को इनका फायदा नहीं मिल रहा है। हाल ही में सामने आई नगर निगम की प्रगति रिपोर्ट ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रह है। रिपोर्ट के अनुसार, पांच करोड़ से लेकर सौ करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम बजट वाले शहर के कई महत्वपूर्ण योजनाएं अपनी तय समय सीमा से काफी पीछे चल रहे हैं। जिस कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार शहर में नई सड़कों के निर्माण, सीवरेज सिस्टम को सुधारने और खेल परिसरों के विकास के लिए दर्जनों बड़ी परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये की लागत से काम चल रहा है।
इस रिपोर्ट से यह बात पूरी तरह से साफ हो गई है कि काम करने वाली कई निर्माण एजेंसियां उन्हें दिए गए तय समय के भीतर अपना काम पूरा करने में बुरी तरह विफल रही हैं। प्रशासन ने एजेंसियों की इस बड़ी लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है और काम में देरी करने वाले ठेकेदारों पर लिक्विडिटी डैमेज (एलडी) यानी भारी आर्थिक जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है ताकि काम में तेजी लाई जा सके।बड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत निराशाजनकप्रगति रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाले और निराशाजनक आंकड़े वजीराबाद गांव में बन रहे अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के हैं। लगभग 101.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे इस बड़े प्रोजेक्ट का अब तक मात्र 25 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। जून 2026 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन काम की यह कछुआ चाल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई है। इसी के चलते काम कर रही एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, पूरे उत्तर भारत की आस्था के प्रमुख केंद्र माता शीतला देवी मंदिर परिसर के पुनर्विकास का काम भी अब तक केवल 30 फीसदी ही पूरा हो पाया है। यहां पत्थरों पर नक्काशी का काम जारी है, लेकिन श्रद्धालुओं को पूरी सुविधाएं मिलने में अभी काफी लंबा समय लग सकता है।विवादों में उलझे सीवरेज और जल निकासी के प्रोजेक्टशहर के कई प्रमुख इलाकों में नई सीवरेज लाइन बिछाने का काम तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों में फंसा हुआ है। गांव धनकोट और वजीराबाद में नई सीवरेज लाइन डालने का कार्य 40 फीसदी के आसपास अटका पड़ा है। सबसे ज्यादा जटिल स्थिति भोंडसी गांव में प्रस्तावित 6 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की बनी हुई है। राजस्व विभाग और नगर निगम के बीच जमीन को लेकर चल रहे विवाद के कारण यह प्रोजेक्ट काफी समय तक रुका रहा और अभी तक इसका केवल पांच फीसदी काम ही हो सका है। इसके अलावा, मारुति कुंज रोड पर जमीन न मिलने के कारण मार्च 2026 तक काम शुरू होने की संभावना जताई गई है, जो वहां के लोगों के लिए एक बहुत लंबा इंतजार है।सड़कों के निर्माण में भी हो रही देरीरिपोर्ट के अनुसार मालिबू टाउन और वार्ड-29 में सड़कों को मजबूत करने के काम में भारी देरी देखी गई है। यहां भी समय पर काम पूरा न करने वाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, रुके हुए प्रोजेक्ट्स के अलावा निगम ने विकास की गति बढ़ाने के लिए सुशांत लोक फेज-1, सेक्टर-39, सेक्टर-41 और सेक्टर-108 जैसे इलाकों में सड़कों के पुनर्निर्माण और सीवरेज लाइन के लिए नई एजेंसियों को वर्क ऑर्डर जारी किए हैं। इन नए कामों के लिए अप्रैल 2026 की समय सीमा तय की गई है और निगम ने साफ चेतावनी दी है कि भविष्य में काम में किसी भी तरह की देरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश निजी एजेंसियों को दिए हैं। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।- विजय ढाका, मुख्य अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


