रिहायशी संपत्ति में पीजी-हॉस्टल चलाने वालों की अब खैर नहीं
- व्यवसायिक गतिविधि करने वालों को सेल्फ डिक्लेरेशन का अंतिम मौका, वरना कटेगा पानी-सीवर कनेक्शन रिहायशी संपत्ति में पीजी-हॉस्टल चलाने की अब खैर नहीं,

गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। नगर निगम मानेसर ने संपत्तिकर चोरी को रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। निगम क्षेत्र में ऐसी संपत्तियों की पहचान की जा रही है जो रिकॉर्ड में तो रिहायशी दर्ज हैं, लेकिन असल में वहां पीजी, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि संपत्ति मालिकों ने खुद आगे आकर अपने असल उपयोग की घोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) नहीं की, तो उनके खिलाफ हरियाणा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त आयुक्त लोकेश यादव ने बताया कि आईएमटी मानेसर होने के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रमिक, छात्र और नौकरीपेशा युवा रहते हैं।
इसका फायदा उठाते हुए मकान मालिकों ने अपनी रिहायशी प्रॉपर्टी को हॉस्टल और पीजी में तब्दील कर दिया है। चूंकि रिहायशी प्रॉपर्टी पर टैक्स कम लगता है और कमर्शियल पर अधिक, इसलिए इस अंतर का फायदा उठाकर लोग टैक्स की चोरी कर रहे हैं। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे निगम के खजाने को भी भारी नुकसान हो रहा है। गठित की गईं विशेष टीमें, होगा सर्वे निगम ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए इंस्पेक्शन और वेरिफिकेशन टीमें गठित कर दी हैं। ये टीमें घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और मौके पर चल रही गतिविधियों का मिलान निगम के रिकॉर्ड से करेंगी। यदि निरीक्षण के दौरान कोई प्रॉपर्टी व्यावसायिक पाई गई और उसका डिक्लेरेशन नहीं हुआ, तो उस पर भारी पेनाल्टी लगाई जाएगी। लापरवाही पड़ सकती है भारी यदि प्रॉपर्टी धारक अपनी गलती नहीं सुधारते हैं, तो निगम की तरफ से रेजिडेंशियल और कमर्शियल टैक्स के अंतर पर ब्याज सहित भारी जुर्माना, संबंधित प्रॉपर्टी के पानी और सीवर कनेक्शन तुरंत प्रभाव से काट दिए जाएंगे, नियमों के उल्लंघन पर बिल्डिंग को सील भी किया जा सकता है। सभी के लिए प्रॉपर्टी आईडी बनवाना जरूरी है, जिनके पास आईडी नहीं है वे तुरंत आवेदन करें। संयुक्त आयुक्त ने अपील की है कि कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने से बचने के लिए लोग स्वेच्छा से अपनी प्रॉपर्टी का उपयोग बदलवाएं और सही टैक्स का भुगतान करें। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र के विकास के लिए टैक्स का सही भुगतान अनिवार्य है।
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