मानसून से पहले चार लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा
- निजी एजेंसियों ने लगाई 14 ट्रोमल मशीनें, दस और लगनी है बाकी, अगले साल फरवरी तक साइट को पूरी तरह कूड़ा मुक्त करने का निगम का दावा

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। शहर के बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पिछले कई सालों से जमा कूड़े के विशाल पहाड़ को खत्म करने की दिशा में नगर निगम (एमसीजी) ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। शहरवासियों को इस कचरे के ढेर और इससे होने वाले भारी प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए निगम ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। नगर निगम की योजना इस साल मानसून की शुरुआत होने से पहले लगभग 4 लाख मीट्रिक टन पुराने कूड़े (लिगेसी वेस्ट) का निस्तारण (प्रोसेसिंग) करने की है। इसके लिए साइट पर काम कर रही दोनों निजी एजेंसियों को अगले सप्ताह से अपनी पूरी क्षमता के साथ कूड़ा निस्तारण का काम शुरू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
निगम का मुख्य लक्ष्य अगले साल फरवरी महीने तक बंधवाड़ी साइट को शत-प्रतिशत कूड़ा मुक्त करना है। फिलहाल वहां बड़ी-बड़ी मशीनों का जाल बिछा दिया गया है और कचरे को अलग-अलग करके उसे खत्म करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।14 ट्रोमल मशीनों ने पकड़ी रफ्तार, 30 हजार टन कूड़ा हुआ साफबंधवाड़ी में कूड़ा निस्तारण के लिए काम कर रही दोनों निजी एजेंसियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कचरे को अलग करने और प्रोसेस करने के लिए साइट पर कुल 14 ट्रोमल मशीनें स्थापित की गई हैं। अभी दस मशीनें लगानी बाकी है। एक वजरा मशीन भी प्लांट पर स्थापित कर दी है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता संदीप सिहाग ने बताया कि इन मशीनों की मदद से अब तक करीब 30 हजार मीट्रिक टन कूड़े का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। आने वाले हफ्तों में इन मशीनों को पूरी क्षमता पर चलाया जाएगा ताकि निस्तारण के आंकड़े को तेजी से बढ़ाया जा सके और मानसून से पहले चार लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य हासिल किया जा सके।बारिश में काम होता है प्रभावित, इसलिए निगम की विशेष रणनीतिनगर निगम द्वारा मानसून से पहले इतना बड़ा लक्ष्य तय करने के पीछे मुख्य कारण मौसम है। आमतौर पर हर साल जुलाई से लेकर मध्य सितंबर तक मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश के कारण कूड़ा निस्तारण का काम बुरी तरह प्रभावित होता है। बारिश की वजह से कूड़ा गीला हो जाता है, जिससे ट्रोमल मशीनों का संचालन मुश्किल हो जाता है और कचरे के निस्तारण की गति बेहद धीमी पड़ जाती है। इसी दिक्कत को ध्यान में रखते हुए निगम ने मानसून आने से पहले अधिकतम कचरा हटाने की यह खास रणनीति तैयार की है।अगले साल फरवरी तक बंधवाड़ी को पूरी तरह साफ करने का दावाबंधवाड़ी लैंडफिल साइट गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों शहरों के लिए एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या बनी हुई है। यहां लाखों टन कूड़े का पहाड़ बना हुआ है, जिससे भूजल और हवा प्रदूषित हो रही है। निगम अधिकारियों का दावा है कि अगर तय रणनीति और पूरी रफ्तार से काम चलता रहा, तो अगले साल फरवरी तक इस कचरे के पहाड़ को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। ऐसा होने पर आसपास के गांवों और शहरी इलाकों के लोगों को बदबू और बीमारियों के खतरे से स्थायी रूप से निजात मिल जाएगी।
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