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छात्रों ने विधिक ज्ञान, वाद-विवाद कौशल का प्रदर्शन किया

छात्रों ने विधिक ज्ञान, वाद-विवाद कौशल का प्रदर्शन किया

संक्षेप:

-सीपीएएस की ओर से द्वि-दिवसीय अंतर-मूट कोर्ट प्रतियोगिता हुई -विभिन्न कक्षाओं के छात्रों की 16 टीमों ने जोश के साथ भाग लिया

Sep 15, 2025 12:27 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। सेक्टर-40 के सेंटर फॉर प्रोफेशनल एंड एलाइड स्टडीज़ (सीपीएएस) की ओर से रविवार को द्वि-दिवसीय अंतर-मूट कोर्ट प्रतियोगिता हुई। इसमें विभिन्न कक्षाओं के छात्रों की कुल 16 टीमों ने उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। अद्वितीय विधिक ज्ञान, वाद-विवाद कौशल और विश्लेषणात्मक सोच का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल और फाइनल राउंड का मूल्यांकन अधिवक्ता पुनीत शर्मा, अधिवक्ता सागर पंघाल, अधिवक्ता मोहित हसीजा द्वारा किया गया। पुनीत शर्मा ने छात्रों को न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुति और विधिक बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। वहीं अधिवक्ता सागर पंघाल ने छात्रों को उन महत्वपूर्ण विधिक बिंदुओं की ओर ध्यान दिलाया जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।

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प्रतियोगिता में टीम 15 के सदस्य राहुल चाहर, दीपांशी और अभिनव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं टीम 14 (अनन्या, अरशी, और गुलशन) उपविजेता रही। इसके अलावा टीम 09 की गुंजन को सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का पुरस्कार दिया गया, जबकि टीम 15 के ही राहुल चाहर को सर्वश्रेष्ठ वक्ता/मूटर के रूप में सम्मानित किया गया। सीपीएएस के निदेशक प्रो. प्रदीप के. अहलावत ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं और अधिवक्ताओं का स्वागत करते हुए प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने भावी अधिवक्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि प्रभावी संवाद और सशक्त अभिव्यक्ति विधि व्यवसाय की मूलभूत आवश्यकता हैं। उन्होंने वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में मजबूत आलोचनात्मक व विश्लेषणात्मक क्षमताओं की बढ़ती जरूरत पर बल दिया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे मूट कोर्ट जैसी प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अपने कौशल को निखारें। विधि कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. वीरेन्द्र ने निर्णायकों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों में न केवल आत्मविश्वास का संचार करती हैं, बल्कि उन्हें न्यायालयीन अनुशासन और पेशेवर नैतिकताओं से भी परिचित कराती हैं। इस अवसर पर मूट कोर्ट सोसायटी के सदस्य, विधि कार्यक्रम के छात्र-छात्राएं, शोधार्थी व प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।