
गुरुग्राम बाल विवाह मुक्त जिला बनेगा
गुरुग्राम में बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन ने 100-दिन का अभियान शुरू किया है। शक्ति वाहिनी और एमडीडी ऑफ इंडिया ने सभी एजेंसियों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। स्कूलों में बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई और बाल विवाह मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई गई।
गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन के साथ कई कदम उठाए जा रहे हैं। 100-दिन के अभियान से प्रेरित होकर, शक्ति वाहिनी और एमडीडी ऑफ इंडिया ने सभी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। ताकि गुरुग्राम को बाल विवाह मुक्त जिला बनाया जा सके। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने पर शक्ति वाहिनी और एमडीडी ऑफ इंडिया ने जिले के बाल संरक्षण हितधारकों के सहयोग से स्कूलों में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन उषा रानी और सीडब्ल्यूसी सदस्य मधु जैन, बाल विवाह निषेध अधिकारी संजय कुमार, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सरहौल, किडज़ी स्कूल की चेयरपर्सन सोनू कटारिया, बसई सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल गीता, और आरपीएफ के एसएचओ नवल किशोर ने भाग लिया।

जिला एएचटीयू टीम ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई और बाल विवाह मुक्त भारत के लिए शपथ दिलाई गई। जिन स्कूलों में प्रोग्राम हुए, उनमें गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल, सरहौल गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी बॉयज़ स्कूल और गवर्नमेंट जूनियर प्राइमरी स्कूल कादीपुर शामिल रहे। 100 दिनों का यह गहन जागरूकता अभियान तीन चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। इसका समापन 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा।

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