बंधवाड़ी मामले में सुनवाई 11 मार्च को होगी
गुरुग्राम की बंधवाड़ी लैंडफिल साइट एक बार फिर कानूनी और पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है। नगर निगम ने पिछले सात वर्षों में कोई ठोस समाधान नहीं दिया है। ताजा कूड़े के निस्तारण के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा है। एनजीटी में 11 मार्च को सुनवाई होगी, जहां निगम को अपनी कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।

गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट एक बार फिर कानूनी और पर्यावरणीय संकट के केंद्र में है। 11 मार्च को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में इस मामले की अहम सुनवाई होनी है। विडंबना यह है कि सात साल से लंबित इस केस में नगर निगम गुरुग्राम अब तक कोई ठोस समाधान पेश नहीं कर पाया है। ताजा स्थिति यह है कि शहर से निकलने वाले ताजा कूड़े के निस्तारण के लिए निगम को दो महीने और दो बार टेंडर निकालने के बाद भी कोई एजेंसी नहीं मिल सकी है। नगर निगम ने बंधवाड़ी को खाली करने के लिए पहले 2023, फिर दिसंबर 2024 और उसके बाद जून 2025 की समय सीमा तय की थी।
लेकिन धरातल पर काम पूरा नहीं हो पाया। अब निगम ने एनजीटी को जवाब देने के लिए फरवरी 2027 का नया लक्ष्य रखा है। फिलहाल साइट पर करीब 16.60 लाख टन पुराना कूड़ा जमा है, जिसे खत्म करने के लिए ट्रोमल मशीनें तो लगाई गई हैं, लेकिन उनकी रफ्तार ऊंट के मुंह में जीरे समान है।ताजा कूड़ा बना बड़ी मुसीबतपुराने कूड़े के साथ-साथ हर रोज आने वाला ताजा कूड़ा निगम के लिए गले की हड्डी बन गया है। ताजा कूड़े के निस्तारण के लिए कोई ठेकेदार तैयार नहीं हो रहा, जिससे बंधवाड़ी में कचरे के नए पहाड़ खड़े हो रहे हैं। कुल 30 एकड़ जमीन में से 26 एकड़ कूड़े के नीचे दबी है। केवल 4 एकड़ जमीन खाली है, जो नए कचरे के लिए नाकाफी है। इसी वजह से एनटीपीसी का चारकोल प्लांट प्रोजेक्ट भी जमीन न मिलने के कारण अधर में लटका हुआ है।फरीदाबाद का कचरा नहीं हो रहा बंदगुरुग्राम खुद अपने 1200 टन प्रतिदिन के कचरे से जूझ रहा है, ऊपर से फरीदाबाद का 900 से 1000 टन कचरा भी रोजाना बंधवाड़ी ही भेजा जा रहा है। निगम सदन की बैठकों और कई पत्रों के बावजूद फरीदाबाद से कूड़ा आना बंद नहीं हुआ है। रोजाना 2200 टन से ज्यादा कूड़ा पहुंचने के कारण निस्तारण की पूरी प्रक्रिया फेल हो रही है।पर्यावरण को भारी नुकसानअरावली वन क्षेत्र में लीचेट (कूड़े का जहरीला पानी) फैलने से भूजल और वन्यजीवों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। 11 मार्च को होने वाली सुनवाई में निगम को अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करनी है, लेकिन ताजा कूड़े के निस्तारण में विफलता और बार-बार बदलती डेडलाइन के चलते निगम अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ना तय है।11 मार्च को एनजीटी में बंधवाड़ी लैंडफिल मामले की सुनवाई है। निगम ने पुराने कूड़े के निस्तारण के लिए दो एजेंसियों को काम सौंप दिया है। एजेंसियों ने अपनी ट्रोमल मशीनें लैंडफिल पर लगा दी हैं। कचरा निस्तारण का काम भी शुरू कर दिया है।- डा. प्रीतपाल सिंह, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम, गुरुग्राम।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


