
बैंक अब युवाओं में कौशल क्षमता बढ़ाकर उद्यमी बनाएंगे
संक्षेप: -पहले युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देकर सक्षम बनाएंगे -युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देंगे -बिना गारंटी के 25 लाख तक युवाओं को ल
गुरुग्राम। जिले के युवाओं को बैंकों की ओर से कौशल क्षमता बढ़ाकर उद्यमी बनाएंगे। बैंक और सरकार मिलकर युवाओं में कौशल बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई है। इनके माध्यम से युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देकर सक्षम बनाएंगे। इसके बाद बैंक युवाओं को उद्यमिता के लिए बिना गारंटी के लोन दिए जाएंगे। जिससे युवा आत्मनिर्भर होकर स्वरोजगार शुरू कर सकें। जिला आग्रणी प्रबंधक विनाद बजाज ने कहा कि बैंके प्रत्येक जिलों से रोजगार वाले प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, उनकी मांग व उससे जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करेगा। यह स्कूलों से ही शुरू होगा। जहां छठवीं कक्षा से छात्रों को अब अनिवार्य रूप से किसी न किसी स्किल की शिक्षा जरूर दी जाएगी।

इनमें नौवीं से बारहवीं कक्षा के स्तर पर इसे प्रमुखता से पढ़ाया जाएगा। योजना के मुताबिक शुरुआत में इसे प्रत्येक जिले के कम से कम 30 प्रतिशत सेकेंडरी स्कूलों को लागू किया जाएगा। जहां उस क्षेत्र की मांग के जुड़े कम से कम दो क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जा सके। सरकारी योजनाएं और पहल: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीपी) युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करती है, जिससे उनकी रोज़गार क्षमता बढ़ती है। इसी तरह मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवा ऑनलाइन या बैंक जाकर आवेदन कर सकते हैं और बिना गारंटी के₹25 लाख तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने विश्व बैंक की मदद से छात्रों में 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के लिए भी पहल शुरू की है और सीबीएसई को भी कौशल-संबंधी सामग्री विकसित किया जाएगा। बैंकों के कौशल कार्यक्रम होंगे: एलडीएम के अनुसार निजी बैंकों ने परिवर्तन कार्यक्रम शुरू की है। जिसका लक्ष्य युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रदान करना है। इसके अलावा किसानों और स्वयं सहायता समूहों को भी लाभान्वित किया गया है। इसमें कुछ कंपनियां अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड का उपयोग करके भी प्रशिक्षण लागत और इंटर्न को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। युवाओं को स्वरोजगार का लाभ मिलेगा: रुडसेट संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी करन ने कहा कि बैंकों की ओर से युवाओं को कौशल क्षमता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम चलाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। युवाओं को आवश्यक कौशल हासिल करने में मदद करते हैं। जिससे वे अधिक सक्षम और आत्मविश्वास बढ़ाकर न केवल रोज़गार क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार का मौका दिया जाता है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




