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गुरुग्राम में डॉक्टरों को सिर्फ जेनेरिक दवाएं लिखने का निर्देश

गुरुग्राम में डॉक्टरों को सिर्फ जेनेरिक दवाएं लिखने का निर्देश

संक्षेप:

गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी डॉक्टरों के लिए आदेश जारी किए हैं कि वे केवल जेनेरिक दवाएं लिखें। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए नेमप्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। यह कदम मरीजों पर वित्तीय बोझ कम करने और दवा लिखने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।

Nov 01, 2025 06:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने गुरुग्राम सहित सभी जिलों के सरकारी डॉक्टरों के लिए एक बार फिर कड़े आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि डॉक्टर मरीजों के प्रिस्क्रिप्शन में केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखें। इसके साथ ही अस्पताल ड्यूटी के दौरान सभी डॉक्टर और कर्मचारियों को उनकी वर्दी पर नेमप्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि मरीज उन्हें आसानी से पहचान सकें। सिविल सर्जन डॉ. अल्का सिंह ने बताया कि ये निर्देश उच्च अधिकारियों की तरफ से आए हैं, जो पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पहले के आदेशों पर अमल सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं।

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ब्रांडेड दवाएं नहीं लिखने के आदेश स्वास्थ्य विभाग ने चिंता व्यक्त की है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, कुछ डॉक्टर अभी भी ब्रांडेड और महंगी दवाएं लिख रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ता है। नए आदेशों में सख्ती से कहा गया है कि मरीजों को केवल सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं ही लिखी जाएं। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को जनता के लिए अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रिस्क्रिप्शन हो पढ़ने योग्य दवा लिखने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया है। डॉक्टरों को हिदायत दी गई है कि वे मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन इस तरह से लिखें कि वह पढ़ने योग्य हो। अक्सर डॉक्टरों की हैंडराइटिंग इतनी खराब होती है कि फार्मासिस्ट या मरीज दोनों ही दवा का नाम ठीक से नहीं समझ पाते, जिससे गलती की आशंका बढ़ जाती है। पढ़ने योग्य प्रिस्क्रिप्शन से मरीजों को अपनी दवा और इलाज को समझने में मदद मिलेगी। नेमप्लेट लगाना भी जरूरी प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अपनी ड्रेस पर स्पष्ट रूप से नाम लिखी हुई नेमप्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सिविल सर्जन ने पुष्टि की है कि इन आदेशों के संबंध में सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को अवगत करा दिया गया है, और इन नियमों के अनुपालन पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।