
ग्रैप-3 से 350 ट्रांसपोर्ट उद्योगों के लिए परेशानी बढ़ी
-ट्रांसपोर्टरों के 40 प्रतिशत तक ट्रकों के पहिए रुक गए -उद्योगों में किए गए उत्पादन की सप्लाई प्रभावित होने लगी -सामान बाहर से नहीं जाने से उद्योगों क
गुरुग्राम। ग्रैप-3 के कारण गुरुग्राम के 350 ट्रांसपोर्टरों के 40 प्रतिशत ट्रकों के प्रवेश एनसीआर में रोक लग गई है। जिससे ट्रांसपोर्ट उद्योग की परेशानी बढ़ गई है। ग्रैप लागू होने के बाद बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार-पहिया वाहनों का संचालन आसपास के जिलों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिससे उद्योगो के सामानों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि गुरुग्राम जिले में 350 ट्रांसपोर्टर है। इन ट्रांसपोर्टरों के पास 30 हजार हजार से अधिक ट्रकें हैं। जो उद्योगों के सामान बाहर से ले आते हैं और ले जाते हैं।
ग्रैप-3 प्रभावित होने से ट्रांसपोर्टरों के 40 प्रतिशत यानी 12 हजार ट्रक खड़े हो गए है। इसमें बीएस-4 ट्रकें हैं जो ट्रक खड़े होने से चालक-परिचालकों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। ट्रकें न चलने पर उनको वेतन देना मुश्किल हो गया है। इससे ट्रांसपोर्टरों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। उन्होंने ग्रैप लागू कर ट्रांसपोर्टर प्रभावित होते है, लेकिन टूटी सड़कों से प्रदूषण बढ़ता है। विभागों की कमियों को छिपाकर उद्योगों को प्रभावित किया जा रहा है। आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने कहा कि ग्रैप-3 प्रभावी होने से उद्योगों से लेकर ट्रांसपोर्टरों को नुकसान ज्यादा होता है। ट्रके नहीं चलेंगी तो उद्योगों के सामान की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। चालीस प्रतिशत ट्रकें खड़ी होने से उद्योगों को कितना नुकसान होगा और रोजगार प्रभावित हो गया है। इसको लेकर सरकार की ओर से गंभीरता से नहीं लिया जाता है। जबकि टूटी सड़कों से धूल उड़ने से प्रदूषण बढ़ता है। इस पर काम करने की जरुरत है। लेकिन विभागीय अधिकारी उद्योगों को और ट्रकों को निशाना बनाया जा रहा है।

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