बकाया कर विवादों का समाधान होगा

हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम में व्यापारियों के लिए बकाया कर विवादों का समाधान करने हेतु एकमुश्त निपटान योजना-2026 लागू की गई है। यह योजना 1 जून से 28 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत 1 लाख रुपये तक के कर बकाया पर पूरी छूट और 1 लाख रुपये से अधिक पर 70 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

बकाया कर विवादों का समाधान होगा

गुरुग्राम,अमर मौर्य। व्यापारियों के लिए बकाया कर विवादों के समाधान का मौका दिया गया। छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने पुनः एकमुश्त निपटान योजना-2026 (ओटीएस) लागू करने का निर्णय लिया है। संयुक्त आबकारी व कराधान आयुक्त (रेंज) गुरुग्राम स्नेह लता यादव ने बताया कि यह योजना एक जून से 28 सितंबर तक कुल 120 दिनों के लिए प्रभावी रहेगी। योजना का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कराधान अधिनियमों के अंतर्गत लंबित बकाया कर मामलों का समाधान करना, न्यायालयों व अपील मंचों पर लंबित विवादों को कम करना तथा कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है。

कराधान अधिनियमों के बकाया देय में मिलेगी राहत:

स्नेह लता यादव ने बताया कि यह योजना सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत निर्धारित बकाया देय राशि के निपटान का अवसर प्रदान करती है। यदि किसी करदाता पर किसी अधिनियम के अंतर्गत किसी वर्ष के लिए एक लाख रुपये तक का कर बकाया है, तो उसे योजना के तहत अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का कर, ब्याज व जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि करदाता अपने बकाया देय राशि के निपटान के लिए किसी भी अधिनियम और किसी भी वर्ष के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक लाख रुपये से अधिक के कर बकाया वाले सभी मामलों में 70 प्रतिशत कर छूट प्रदान की जा रही है।

वैधानिक प्रपत्र जमा न से बकाया है कर:

संयुक्त आबकारी व कराधान आयुक्त ने बताया कि फॉर्म-सी, फॉर्म-एफ, फॉर्म-एच, फॉर्म-ई-1, फॉर्म-ई-2, टैक्स इनवॉइस, वैट-सी-4, वैट-डी-1, वैट-डी-2 आदि वैधानिक प्रपत्र जमा न होने के कारण बड़ी संख्या में बकाया कर मामले लंबित हैं। यदि कोई व्यापारी अब आवश्यक प्रपत्र प्रस्तुत करने में सक्षम है, तो उसे निर्धारित शर्तों के अनुसार राहत प्रदान की जाएगी। यह लाभ फर्जी या कूटरचित दस्तावेजों वाले मामलों तथा पहले से अस्वीकृत प्रपत्रों पर लागू नहीं होगा।

व्यापारियों को ये छूट मिलेगी:

हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम-1973 के अंतर्गत 1 रुपये से 1 लाख रुपये तक की बकाया कर राशि पर कर, ब्याज एवं जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं 1 लाख रुपये से अधिक की बकाया कर राशि पर कर में 70 प्रतिशत तथा ब्याज एवं जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। इस तरह अन्य छह अधिनियमों के अंतर्गत लाभ दिया जाएगा। जिन मामलों में करदाता की अपील या मुकदमा किसी न्यायिक अथवा अपीलीय मंच पर लंबित है, वे भी संबंधित अपील या मुकदमा वापस लेने की शर्त पर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

राशि जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा:

योजना के तहत निपटान राशि जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। हालांकि 5 लाख रुपये तक की निपटान राशि पर किस्तों का लाभ नहीं मिलेगा। पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। 5 लाख रुपये से अधिक तथा 25 लाख रुपये तक की निपटान राशि को दो समान किस्तों में जमा किया जा सकेगा, जिसमें पहली किस्त आवेदन के समय और दूसरी किस्त अंतरिम आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। वहीं 25 लाख रुपये से अधिक की निपटान राशि के लिए तीन किस्तों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत आवेदन के समय कुल राशि का 40 प्रतिशत, अंतरिम आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर 30 प्रतिशत तथा शेष 30 प्रतिशत राशि 120 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।

सामान्य प्रश्न

एकमुश्त निपटान योजना-2026 कब तक प्रभावी रहेगी?
यह योजना एक जून से 28 सितंबर तक कुल 120 दिनों के लिए प्रभावी रहेगी।
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