रोडवेज के 51 चालक दमकल विभाग में जाने से रूटों पर बसें प्रभावित
गुरुग्राम में दमकलकर्मियों की हड़ताल के कारण हरियाणा रोडवेज की बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। 51 चालकों को दमकल विभाग में तैनात किया गया है, जिससे 50 से अधिक रूटों पर बसें नहीं चल पा रही हैं। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और समस्या बढ़ सकती है यदि हड़ताल खत्म नहीं होती।

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। शहर में दमकल कर्मचारियों की लगातार चल रही हड़ताल का सीधा और भारी असर अब हरियाणा रोडवेज की बस सेवाओं पर पड़ने लगा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दमकलकर्मी रविवार को भी हड़ताल पर डटे रहे। शहर में आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखने के लिए जिला प्रशासन ने रोडवेज के 51 चालकों की ड्यूटी अस्थायी रूप से दमकल विभाग में बीते पांच दिन से लगा रखी है। रोडवेज के 51 चालकों के एक साथ चले जाने से गुरुग्राम डिपो में चालकों का भारी टोटा हो गया है। इसके कारण हिसार, रोहतक, रेवाड़ी और जयपुर सहित 50 से अधिक रूटों पर रोडवेज की बसें पूरी संख्या में नहीं चल पा रही हैं।
बसें न चलने की वजह से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करने को मजबूर हैं। अगर सोमवार तक दमकल कर्मियों की हड़ताल समाप्त नहीं होती है, तो रोडवेज चालकों की ड्यूटी दमकल विभाग में आगे भी जारी रह सकती है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।इन प्रमुख रूटों पर बसें न चलने से यात्री बेहालरोडवेज के चालकों की कमी के कारण 50 से अधिक महत्वपूर्ण रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित हो रहे हैं। चालक नहीं होने के कारण सभी रूटों पर तय समय सारणी के अनुसार बसें नहीं चल पा रही हैं। इस कारण यात्रियों को बसों के लिए घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। इनमें मुख्य रूप से हिसार, रोहतक, झज्जर, भिवानी, पलवल, रेवाड़ी, जयपुर और आगरा जैसे लंबी दूरी के रूट शामिल हैं। इन रूटों पर रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। समय पर बसें न मिलने के कारण यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को मजबूरी में महंगे किराये पर निजी वाहनों या डग्गामार बसों का सहारा लेना पड़ रहा है।डिपो में 200 बसों पर बचे केवल 164 चालकगुरुग्राम डिपो में पहले से ही चालकों की संख्या बहुत सीमित है। डिपो के बेड़े में करीब 200 बसें शामिल हैं, जिनके संचालन के लिए कुल 215 चालक मौजूद थे। अब जिला प्रशासन के आदेश पर इनमें से 51 चालकों को दमकल विभाग की गाड़ियां चलाने के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में डिपो के पास अब केवल 164 चालक ही बचे हैं। सभी बसों को चलाने के लिए पर्याप्त चालक न होने के कारण परिवहन विभाग को मजबूरी में 50 से अधिक बसों को डिपो में ही खड़ा करना पड़ा है।हड़ताल खत्म न हुई तो आगे भी जारी रहेगी ड्यूटीदमकल कर्मचारियों की हड़ताल से निपटने के लिए जिला उपायुक्त ने 13 अप्रैल (सोमवार) तक रोडवेज से 51 चालकों की मांग की थी, ताकि शहर में आगजनी जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। रविवार को भी दमकलकर्मी अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहे। प्रशासन का कहना है कि यदि सोमवार को भी दमकल कर्मियों की हड़ताल समाप्त नहीं होती है और कोई समाधान नहीं निकलता है, तो शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन रोडवेज चालकों को आगे भी निरंतर दमकल विभाग में ही तैनात रखा जा सकता है।दमकल कर्मियों की हड़ताल के कारण रोडवेज के 51 चालक दमकल में भेजे गए हैं। इस कारण इन रूटों पर बसें प्रभावित हो रही है।- दुलीचंद, मुख्य निरीक्षक, रोडवेज डिपो, गुरुग्राम।
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