Gurgaon News: मिलेनियम सिटी में जल निकासी के इंतजाम अधूरे

हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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Gurgaon News: गुरुग्राम के नगर निगम के जलभराव से मुक्ति के दावे इस मानसून में भी पूरी तरह विफल होते नजर आ रहे हैं। तीन समय सीमाओं के बीतने के बाद भी नालों की सफाई का काम अधूरा है, जबकि जल संचयन प्रणालियों में भी गिरावट आई है।

Gurgaon News: मिलेनियम सिटी में जल निकासी के इंतजाम अधूरे

Gurgaon News: गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। साइबर सिटी को जलभराव से मुक्ति दिलाने के नगर निगम के तमाम दावे इस मानसून में भी हवा हवाई साबित हो रहे हैं। तीन बार समय सीमा बीत जाने और आधा जुलाई का महीना गुजरने के बाद भी नालों की सफाई का काम पूरा नहीं हो सका है। जलभराव से निपटने और बरसाती नालों की सफाई के नाम पर निगम द्वारा 20 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है, लेकिन धरातल पर न तो नाले साफ हुए हैं और न ही रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुरुस्त किए गए हैं। निगम ने पहले 15 जून, फिर 30 जून और इसके बाद 15 जुलाई की अंतिम समय सीमा तय की थी, लेकिन तीनों समय सीमा बीतने के बावजूद पानी निकासी के स्थायी इंतजाम नहीं हो पाए हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 के लिए इंजीनियरिंग विंग ने कुल ड्रेनेज नेटवर्क के लगभग 82 प्रतिशत हिस्से यानी 534.76 किलोमीटर लंबे नालों की सफाई और गाद निकालने का लक्ष्य तय किया था। लेकिन सरकारी आंकड़ों के अनुसार तय समयसीमा तक करीब 400 किलोमीटर हिस्से में ही सफाई का काम पूरा हो सका है।

महज 70 संवेदनशील जगहों पर हो पाया है काम

शहर में जलभराव की दृष्टि से कुल 155 स्थानों को बेहद संवेदनशील (ब्लैक स्पॉट) श्रेणी में चिन्हित किया गया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इंजीनियरिंग विंग द्वारा जून महीने तक की जो स्थिति स्पष्ट की गई है, उसमें से महज 70 स्थानों पर ही काम पूरा हो पाया है, जबकि 85 जगहों पर काम अब भी जारी है। कई मुख्य नालों में जमा गाद और कचरा पूरी तरह नहीं निकाला जा सका है।

15 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट टेंडर के फेर में फंसा

नगर निगम ने मानसून की तैयारियों और गाद हटाने के लिए कुल 36 कार्यों के टेंडर की योजना बनाई हुई है, जिसकी अनुमानित राशि 15.7 करोड़ रुपये तय की गई है। मौजूदा स्थिति के अनुसार, 36 में से 33 कार्यों का अलॉटमेंट तो किया जा चुका है, लेकिन तीन कार्य अभी भी टेंडरिंग प्रक्रिया के फेर में फंसे हैं। पानी की त्वरित निकासी के लिए ऑन-ग्राउंड 84 सक्शन टैंकर, 108 पंप, 32 जेसीबी मशीन और 154 सफाई कर्मचारियों की फौज लगाने का दावा किया गया है। वहीं सेक्टर-9ए और 9 के डिवाडिंग रोड पर अभी फिलहाल सफाई का काम चल रहा है। वहीं सेक्टरों में आंतरिक नालों को अभी तक साफ नहीं किया गया है। यहीं कारण है कि बारिश के दौरान इन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव होता है।

181 जल संचयन प्रणाली पड़ी हैं पूरी तरह ठप्प

एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के आधिकारिक आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि शहर में जल संरक्षण की बुनियादी स्थिति बेहद चिंताजनक है। निगम क्षेत्र में वर्षों पहले लगाए गए कुल 408 पारंपरिक रेन वॉटर हार्वेस्टिंग ढांचों में से केवल 227 ही इस समय सुचारू रूप से काम कर रहे हैं, जबकि 181 ढांचे पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। रखरखाव के अभाव में ये सिस्टम जाम हो चुके हैं, जिससे बरसात का पानी जमीन के नीचे जाने के बजाय सड़कों पर ही बहेगा।

नए बरसाती नालों का निर्माण भी अधर में लटका

नगर निगम की तरफ से शहर में दस से अधिक जगहों पर नए बरसाती नालों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन सभी बरसाती नालों का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। दौलताबाद, सेक्टर-10ए, सेक्टर-10, पालम विहार सी ब्लॉक और सेक्टर-5 आदि जगहों पर अभी तक काम शुरू भी नहीं हो पाया है। कई जगह यदि काम शुरू हुआ भी है, तो वह कछुआ गति के कारण अधर में लटका पड़ा है।

जलभराव से निपटने के लिए निगम की तैयारियां पूरी है। सेक्टर-9-9ए क्षेत्र में नया नाला बनाया जाएगा। इसके बाद इस क्षेत्र में जलभराव से निपटने के लिए स्थायी समाधान हो सकेगा।

- विजय ढाका, मुख्य अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम

सामान्य प्रश्न

नगर निगम ने जलभराव से निपटने के लिए कितने कार्यों का टेंडर किया है?
नगर निगम ने जलभराव से निपटने और गाद हटाने के लिए कुल 36 कार्यों के टेंडर की योजना बनाई है।
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