
बूंदाबांदी और ठंडी हवा ने ठिठुरन बढ़ाई, तापमान आठ डिग्री लुढ़का
गुरुग्राम में 2026 की शुरुआत में ठंड और बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे कम है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदूषण स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है।
गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। साइबर सिटी गुरुग्राम के लिए साल 2026 का आगाज हाड़कंपा देने वाली ठंड और बारिश के साथ हुआ है। बुधवार को गुरुग्राम ने ठंड के मामले में पहाड़ों की रानी शिमला और कुल्लू-मनाली जैसे पर्यटन स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया। बर्फीली हवा और सुबह हुई बूंदाबांदी ने दिन का पारा इस कदर गिराया कि पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड टूट गया। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 8.8 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है। हैरान करने वाली बात यह रही कि जहां लोग नए साल पर ठंड का आनंद लेने पहाड़ों की ओर जाते हैं, वहीं गुरुग्राम के लोग पहाड़ों से भी ज्यादा ठिठुरन महसूस कर रहे हैं।
बुधवार को गुरुग्राम का अधिकतम तापमान मात्र 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इसी दौरान पहाड़ों का तापमान कहीं ज्यादा रहा। गुरुग्राम का अधिकतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस, कुल्लू का 14.8 डिग्री सेल्सियस, शिमला सिटी का 15.4°डिग्री सेल्सियस, मसूरी का अधिकतम 18.0°डिग्री सेल्सियस और देहरादून का अधिकतम 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम का बिगड़ा गणित आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 15 वर्षों में एक जनवरी को तापमान कभी इतना नीचे नहीं गिरा। जहां वर्ष 2016 में एक जनवरी को तापमान 25.1 डिग्री और 2012 में 23.3 डिग्री था, वहीं इस साल यह गिरकर 12.8 डिग्री पर आ गया है। जबकि इस मौसम में औसतन अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री और न्यूनतम 6.9 डिग्री होना चाहिए, लेकिन शीतलहर के चलते पूरा समीकरण बदल गया है। पांच मिनट की तेज बारिश हुई नए साल की सुबह करीब साढ़े चार बजे अचानक हुई तेज बारिश ने वातावरण में नमी बढ़ा दी। पांच मिनट की तेज बारिश के बाद दस मिनट तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। इसके बाद पूरा दिन चली बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए। आगामी दो दिन के लिए येलो अलर्ट मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विभाग ने 3 जनवरी तक घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिनों तक विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम रहने की संभावना है, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है। गुरुवार को भी दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। तापमान में आई इस भारी गिरावट और 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में हुई 4.6 डिग्री की बढ़ोतरी (न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री दर्ज) ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। अचानक बदले इस मौसम के कारण हृदय रोगियों और सांस की बीमारी वाले बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बूंदाबांदी भी नहीं धो पाई प्रदूषण नए साल की शुरुआत में हुई हल्की बूंदाबांदी और तेज हवा से उम्मीद थी कि गुरुग्राम के निवासियों को प्रदूषण से राहत मिलेगी, लेकिन आंकड़े इसके विपरीत कहानी बयां कर रहे हैं। बारिश के बावजूद शहर की हवा में सुधार नहीं हुआ है और कई इलाकों में वायु गुणवत्ता अभी भी बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। शहर के विभिन्न निगरानी केंद्रों पर दर्ज की स्थिति चिंताजनक है। ग्वाल पहाड़ी में प्रदूषण का स्तर सबसे खतरनाक रहा, जहां एक्यूआई 423 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। वहीं, गुरुग्राम शहर का औसत एक्यूआई 312 रहा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब माना जाता है। टेरीग्राम की हवा में प्रदूषण का स्तर 287 दर्ज किया गया। मानेसर में औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद यहां की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही और एक्यूआई 193 (मध्यम श्रेणी) दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बूंदाबांदी इतनी पर्याप्त नहीं थी कि धूल के कणों (पीएम 2.5 और पीएम 10) को पूरी तरह जमीन पर बैठा सके। हवा में नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली परत में ही ठहरे हुए हैं, जिससे स्मॉग जैसी स्थिति बनी हुई है।

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