न्यायालय के आदेशों की अनदेखी पर भड़के कर्मचारी, 19 जनवरी को जिला स्तर पर होगा जोरदार प्रदर्शन
- एचकेआरएन को बताया दलाल कंपनी, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन ने दी 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी

गुरुग्राम। गुरुग्राम हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कच्चे कर्मचारियों को पक्का न करने और टालमटोल की नीति अपनाने के विरोध में कर्मचारियों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। हरियाणा गर्व पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने संयुक्त रूप से सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 31 दिसंबर 2025 तक 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया, तो प्रदेश का पूरा कर्मचारी वर्ग सड़कों पर उतरेगा। गुरुग्राम में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान यूनियन के राज्य मुख्य संगठन सचिव योगेश शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय ने 23 और 31 दिसंबर 2025 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 1993, 1996, 2003 और 2011 की नीतियों के तहत आने वाले सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि 10 साल की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पद सृजित कर उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके बावजूद सरकार डबल बेंच या सुप्रीम कोर्ट जाने का बहाना बनाकर अदालत की अवमानना कर रही है। कौशल रोजगार निगम पर बरसे कर्मचारी राज्य उपप्रधान राकेश तंवर ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक प्राइवेट दलाल कंपनी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कौशल निगम के नाम पर ऐसा भ्रम पैदा किया है जैसे यह कोई सरकारी योजना हो, जबकि यह केवल मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। कर्मचारियों ने आह्वान किया कि वह एचकेआरएन पोर्टल के चक्कर में पड़ने के बजाय सरकारी विभागों में सीधे नियमित होने के लिए संघर्ष करें। अनुभव प्रमाण पत्र और वेतन विवरण लटकाने पर रोष यूनियन ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम में कार्यकारी अभियंता कार्यालय द्वारा कर्मचारियों के एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट इशू करने और सैलरी स्टेटमेंट देने में देरी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर भी अपलोड नहीं हो पा रहा है। इस मौके पर पलवल जिला सचिव सतपाल करहाना, चेयरमैन बीरसिंह तेवतिया, रमेश यादव और विमल गौतम सहित कई दिग्गज नेताओं ने सरकार की दमनकारी नीतियों की आलोचना की। आंदोलन की रूपरेखा 19 जनवरी से 12 फरवरी तक कर्मचारी नेताओं ने घोषणा की है कि विरोध स्वरूप 19 जनवरी 2026 को पूरे हरियाणा में जिला स्तर पर विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे। यदि सरकार ने फिर भी अपनी नीति नहीं बदली, तो 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा का हर कच्चा और पक्का कर्मचारी भाग लेकर चक्का जाम करेगा। कर्मचारियों ने साफ कहा कि यह लड़ाई अब केवल नौकरी की नहीं, बल्कि उनके सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की है।

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