दुकानदार को साढ़े 16 लाख रुपये मुआवजा देना होगा

Mar 01, 2026 10:30 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम के सेक्टर-37डी स्थित एनबीसीसी ग्रीन व्यू सोसाइटी के एक दुकानदार को द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास दुकानों की कीमत बढ़ने के कारण 16.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने दुकानदार को मानसिक पीड़ा और अन्य नुकसानों के लिए अतिरिक्त चार लाख रुपये देने का भी आदेश दिया है।

दुकानदार को साढ़े 16 लाख रुपये मुआवजा देना होगा

गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। सेक्टर-37डी स्थित एनबीसीसी ग्रीन व्यू सोसाइटी की मार्केट के एक दुकानदार को द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास दुकानों की कीमत बढ़ने को लेकर साढ़े 16 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (एनबीसीसी) के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र कुमार ने एआई से आकलन करवाने के बाद एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को जारी किए हैं। इसके अलावा करीब चार लाख रुपये मानसिक पीड़ा, मुकदमेबाजी और अन्य नुकसान की एवज में देने होंगे। दिल्ली के द्वारका के सेक्टर-14 स्थित राधिका अपार्टमेंट निवासी नंद लाल ने हरेरा के निर्णायिक अधिकारी के समक्ष याचिका दायर की थी कि उसने एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड से साल 2018 में सेक्टर-37डी में करीब साढ़े 19 लाख रुपये में 166 वर्ग फीट क्षेत्र की दुकान खरीदी थी।

नवंबर, 2019 में उसने इसमें परचून की दुकान खोल दी थी। एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड ने अक्टूबर, 2021 में उसे दुकान को खाली करने का नोटिस दिया था। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिला उपायुक्त ने एक आदेश जारी किए थे। इसके बाद सोसाइटी और मार्केट को खाली करवा लिया था। याचिकाकर्ता ने हरेरा से एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड से रिफंड के साथ-साथ नुकसान का मुआवजा, मानसिक प्रताड़ना का हर्जाना और कानूनी खर्चा दिलवाने का आग्रह किया था। हरेरा के निर्णायक अधिकारी राजेंद्रा कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे निर्माण के बाद एआई की मदद से इस दुकान की मौजूदा कीमत का आंकलन करवाया। इसमें पाया कि दुकान की कीमत करीब 85 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसको लेकर उन्होंने मूल राशि के अलावा दुकानदार को साढ़े 16 लाख रुपये का मुआवजा, एक लाख रुपये मानसिक पीड़ा, ढाई लाख रुपये फिटिंग और सामान के नुकसान, 50 हजार रुपये मुकदमेबाजी की एवज में भुगतान करने के आदेश एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को दिए हैं। आईआईटी, दिल्ली ने असुरक्षित घोषित की थी इस सोसाइटी को आईआईटी, दिल्ली ने रहने के लिहाज से असुरक्षित घोषित किया था। 10 फरवरी, 2022 को चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी में हादसे के बाद जिला प्रशासन ने इस सोसाइटी को खाली करवा लिया था। इस सोसाइटी के ईडब्ल्यूएस परिवारों को भी न तो फ्लैट का किराया मिल रहा है और न ही उन्हें वैकल्पिक फ्लैट दिया जा रहा है। ईडब्ल्यूएस परिवारों ने भी इस सिलसिले में जिला प्रशासन में शिकायत दी हुई है। जिला प्रशासन ने एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को इस सोसाइटी को जमींदोज करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।

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