
कंपनी को 40 लाख रुपये ब्याज समेत लौटाने का आदेश
गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रियल एस्टेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वाटिका को एक निवेशक के साथ धोखाधड़ी और सेवा में लापर
गुरुग्राम, प्रमुख संवाददाता। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने रियल एस्टेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वाटिका को एक निवेशक के साथ धोखाधड़ी और सेवा में लापरवाही का दोषी पाते हुए कड़ा आदेश सुनाया है। आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह खरीदार को 40.06 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाए। खरीदार को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। कोलकाता निवासी निर्भोय सिंह और रेखा ने आयोग में याचिका दायर कर बताया था कि उन्होंने फरीदाबाद स्थित वाटिका माइंडसेप्स परियोजना में 500 वर्ग फीट का कमर्शियल स्पेस बुक किया था। इसके लिए उन्होंने कंपनी को कुल 40.06 लाख रुपये का भुगतान किया।
करार के अनुसार, कंपनी ने वादा किया था कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद तीन साल तक 65 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से एश्योर्ड रिटर्न दिया जाएगा, जब तक कि वह जगह किराए पर न चढ़ जाए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी ने मार्च से दिसंबर 2018 तक (आठ महीने) तो रिटर्न दिया, लेकिन उसके बाद बिना किसी वैध कारण के भुगतान बंद कर दिया। कंपनी ने न तो उनकी यूनिट किराए पर दी और न ही वादे के मुताबिक रिटर्न जारी रखा। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कंपनी की कार्यप्रणाली को अनुचित माना। आयोग ने निम्नलिखित आदेश जारी किए कंपनी को 40.06 लाख रुपये 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने होंगे। मानसिक परेशानी और प्रताड़ना के लिए दो लाख रुपये का हर्जाना देना होगा। मुकदमेबाजी और कानूनी प्रक्रिया के खर्च के रूप में 55 हजार रुपये का भुगतान करना होगा।

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