मिलेनियम सिटी के सेंट्रल प्लाजा मॉल को सील करने के आदेश
गुरुग्राम के सेंट्रल प्लाजा मॉल को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री के आदेश पर सील कर दिया गया है। मॉल के निर्माण में देरी और फर्जी कब्जा प्रमाण पत्र के आधार पर कार्रवाई की गई है। बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री ने वरिष्ठ नगर योजनाकार और डीटीपीई को गोल्फ कोर्स रोड पर सेक्टर-53 स्थित सेंट्रल प्लाजा मॉल को सील करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ-साथ इस मॉल की दुकानों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने और बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए हैं। इस सिलसिले में डीटीपीई ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में बिल्डर से संपर्क नहीं हो सका है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने 26 जून, 2002 में नई दिल्ली की एरियंस इंफोटैक प्राइवेट लिमिटेड और सीनियर बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-53 में 3.9 एकड़ में शॉपिंग मॉल विकसित करने के लिए लाइसेंस जारी किया था।
25 जून, 2005 तक इस बिल्डर को मॉल बनाना था। इस समयावधि में मॉल का निर्माण करके नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक कार्यालय से कब्जा प्रमाण पत्र लेना था। इस बिल्डर ने मॉल तो बना दिया, लेकिन कब्जा प्रमाण पत्र नहीं लिया। इसके साथ-साथ लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया। साल 2006 में लाइसेंस को रिन्यू करने की एवज में इस बिल्डर ने करीब 87.61 लाख रुपये नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के कार्यालय में जमा करवाने थे, लेकिन ऐसा नहीं किया। मामले में खास बात यह रही कि इस बिल्डर ने इस मॉल के ब्लॉक ए का फर्जी कब्जा प्रमाण पत्र बना लिया। इसके आधार पर 27 जुलाई, 2009 को डीड ऑफ डिक्लरेशन (डीओडी) दाखिल कर दी। इस मामले को लेकर इस बिल्डर को दिसंबर, 2017 और मई, 2018 में नोटिस जारी किया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया। गत 11 दिसंबर को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री ने दोनों इन दोनों बिल्डर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि 30 दिन के अंदर रिन्यू फीस को 15 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा करवाया जाए। फर्जी कब्जा प्रमाण पत्र के आधार पर डीओडी करने के सिलसिले में जवाब दिया जाए। इसमें चेतावनी दी गई कि जवाब नहीं देने की स्थिति में उसके खिलाफ हरियाणा डिवेलपमेंट एंड रेगूलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट के तहत विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस सिलसिले में बिल्डर को 15 दिसंबर को सुनवाई का मौका भी दिया गया, लेकिन बिल्डर ने इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया। इसके पश्चात नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक ने वरिष्ठ नगर योजनाकार रेणुका सिंह और डीटीपीई अमित मधोलिया को इस बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इस मॉल में हैं 70 दुकानें मौजूदा समय में इस शॉपिंग मॉल में 70 दुकाने हैं। इसमें दुकानदार व्यापार कर रहे हैं। रोजाना इस शॉपिंग मॉल में सैकड़ों की संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए जाते हैं। एक शराब ठेका भी इस शॉपिंग मॉल में खुला हुआ है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक के आदेश पर सेंट्रल प्लाजा मॉल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वजीराबाद तहसील के तहसीलदार को इस मॉल की दुकानों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए पत्र लिख दिया है। बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिख दिया है। आगे की कार्रवाई जल्द की जाएगी। - अमित मधोलिया, डीटीपीई, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग
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