
पांच सड़कों पर बस क्यू शेल्टर के निर्माण में पेड़ अड़चन बने
गुरुग्राम में नए बस क्यू शेल्टर के निर्माण में पेड़ अड़चन बन रहे हैं। जीएमडीए ने पेड़ों की कटाई और विस्थापन के लिए वन विभाग से मंजूरी मांगी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। इससे कई सड़क परियोजनाएँ प्रभावित हो रही हैं। 29 पेड़ निर्माण में बाधा डाल रहे हैं, जिसमें पिलखन और शीशम के पेड़ शामिल हैं।
गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। नए गुरुग्राम की पांच सड़कों पर बस क्यू शेल्टर के निर्माण में पेड़ अड़चन बने हुए हैं। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की बागवानी शाखा ने इन पेड़ों की कटाई और विस्थापित करने की मंजूरी वन विभाग से मांगी थी। वन विभाग ने गांव कादीपुर में वन क्षेत्र की जमीन की चारदीवारी नहीं करने की आपत्ति लगाते हुए मंजूरी देने से इंकार कर दिया। जीएमडीए ने सेक्टर-68 से लेकर सेक्टर-95 तक की मुख्य सड़कों पर 80 बस क्यू शेल्टर का निर्माण करने के लिए एक कंपनी को करीब 17.95 करोड़ रुपये का टेंडर आवंटित किया हुआ है। पिछले साल पांच नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना को मंजूरी प्रदान की थी।

अब सेक्टर-84, सेक्टर-88, सेक्टर-85, सेक्टर-89 और सेक्टर-86 में बस क्यू शेल्टर के निर्माण में जीएमडीए को दिक्कत आ रही है। जीएमडीए की बागवानी शाखा ने इन मुख्य सड़कों के सर्वे में पाया कि 29 पेड़ बस क्यू शेल्टर के निर्माण में आ रहे हैं। इनमें 28 पेड़ पिलखन प्रजाति के हैं, जबकि एक पेड़ शीशम का है। जीएमडीए ने शीशम के पेड़ की कटाई और पिलखन के पेड़ों को विस्थापित करने के लिए वन विभाग से मंजूरी मांगी थी, लेकिन वन विभाग ने आपत्ति लगाकर इनके आवेदन को रद्द कर दिया। आपत्ति में वन मंडल अधिकारी की तरफ से कहा गया कि जमीन के बदले में साल 2019 में जीएमडीए ने उमंग भारद्वाज चौक के समीप गांव कादीपुर में वन विभाग की जमीन की चारदीवारी करने की बात कही थी, लेकिन छह साल बीतने के बावजूद अब तक जमीन की चारदीवारी नहीं की गई है। ऐसे में जब तक इस जमीन की चारदीवारी नहीं कर दी जाती है, तब तक किसी भी पेड़ की कटाई या विस्थापित करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी। बागवानी शाखा ने इस मामले से मोबिलिटी शाखा को अवगत करवाते हुए आग्रह किया कि वन क्षेत्र की जमीन की चारदीवारी की जाए। बरसाती नाले का निर्माण भी अटका पेड़ों की कटाई की मंजूरी नहीं मिलने की वजह से सेक्टर-114-115 की मुख्य सड़क पर बरसाती नाले के निर्माण का कार्य प्रभावित हो गया है। बरसाती नाले के निर्माण के बीच में 37 पेड़ आ रहे हैं। इनमें कीकर के नौ, शीशम का एक के अलावा नीम, शहतूत, सिरस, बरगद के 27 पेड़ शामिल हैं। बागवानी विभाग की तरफ से पेड़ों की कटाई और विस्थापित करने के इस आवेदन को भी वन विभाग ने आपत्ति लगाकर रद्द कर दिया है।

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