
सूरत नगर में बदमाश के घर पर बुलडोजर चला
गुरुग्राम में नगर निगम और पुलिस ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। बदमाश बनारसी का अवैध मकान गिराया गया, जबकि सुनील उर्फ तोता की बिल्डिंग को सील कर दिया गया। सुनील पर हत्या और मादक पदार्थों के मामलों सहित 35 से अधिक गंभीर आरोप हैं। प्रशासन ने गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
गुरुग्राम। बदमाश बनारसी के 50 गज के अवैध मकान पर नगर निगम की टीम और पुलिस प्रशासन ने सोमवार को बुलडोजर चला दिया। आरोप है कि गली नंबर 14, सूरत नगर फेज-2 में सरकारी भूमि पर कब्जा कर उसने मकान बनाया था। आरोपी पर लड़ाई-झगड़ा, लोगों में भय उत्पन्न करने , हत्या करने, अवैध मादक पदार्थ बेचने तथा अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों में लगातार इसकी संलिप्तता रही है। आरोपी शातिर एवं चालाक प्रवृत्ति का है तथा कई बार जेल जा चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी बनारसी के विरुद्ध छह मामले दर्ज है। वहीं, पुलिस को धनवापुर में उस वक्त झटका लगा, जब कुख्यात बदमाश सुनील उर्फ तोता की बिल्डिंग गिराने पहुंची।
नगर निगम और पुलिस की टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन ने तोड़फोड़ तो टाल दी, लेकिन अवैध निर्माण पर 12 लाख रुपये का संपत्ति कर बकाया होने के कारण पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया है। दोपहर करीब 12:30 बजे नगर निगम के नोडल अधिकारी आरएस बाठ और भारी पुलिस बल बुलडोजर लेकर धनवापुर स्थित सुनील तोता की कथित अवैध प्रॉपर्टी को ध्वस्त करने पहुंचे थे। टीम को देखते ही गैंगस्टर के परिजन बाहर आ गए और कार्रवाई का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। परिजनों ने अधिकारियों को मौके पर ही कोर्ट के स्टे ऑर्डर (स्थगन आदेश) और प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी दस्तावेज दिखाए। प्रशासनिक अमला करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर ही डटा रहा और परिजनों द्वारा दिखाए गए स्टे ऑर्डर व दस्तावेजों की क्रॉस-चेकिंग की गई। जांच में स्टे ऑर्डर सही पाए जाने के बाद प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। पिछले कई महीनों में यह पहला मौका है जब पीला पंजा बिना तोड़फोड़ किए वापस लौटा है। बुलडोजर थमा, लेकिन बिल्डिंग हुई सील भले ही तोड़फोड़ नहीं हो सकी, लेकिन नगर निगम ने तकनीकी खामियों को आधार बनाकर बड़ी कार्रवाई की। आरएस बाठ ने बताया कि कोर्ट के स्टे ऑर्डर की जानकारी विभाग को क्षेत्राधिकार में बदलाव के कारण समय पर नहीं मिल पाई थी। हालांकि, प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने के कारण इसे सील कर दिया गया है। यह भी एक बड़ी कार्रवाई है और कानूनी राय लेकर आगे कदम उठाए जाएंगे। पुलिस के अनुसार, 44 वर्षीय सुनील उर्फ तोता एक आदतन अपराधी है, जिस पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के 35 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह संगठित अपराध के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोपी है। दो महीने पहले ही सेक्टर-17 क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एसीपी अभिलाष जोशी ने स्पष्ट किया कि सरकार और पुलिस गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, गैंगस्टरों की अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि उनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




