
पशु पकड़ने गई टीम पर हमला
गुरुग्राम में पशु नियंत्रण अभियान के दौरान नगर निगम की टीम पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला किया गया। सेक्टर-56 और न्यू कॉलोनी में हुई दो घटनाओं में निगम कर्मियों को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। बावजूद इसके, निगम ने अभियान जारी रखने का निर्णय लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। गुरुग्राम को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पशु नियंत्रण अभियान को रोकने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेना शुरू कर दिया है। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की टीम पर दो अलग-अलग इलाकों में हमला करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर मामले सामने आए हैं। इस हिंसा के बावजूद, निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर को पशु मुक्त करने का अभियान रुकने वाला नहीं है। पहली घटना सेक्टर-56 क्षेत्र की है, जहां नगर निगम के सहायक सैनिटरी इंस्पेक्टर आकाश अपनी टीम के साथ सड़कों पर घूम रही गायों को पकड़ने पहुंचे थे।
अभियान के दौरान अचानक कुछ स्थानीय लोग दर्जनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए और टीम को चारों तरफ से घेर लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने न केवल निगम कर्मियों के साथ अभद्रता की, बल्कि पकड़ी गई गायों को जबरन भगा दिया। इस दौरान कुछ बाइकों पर नंबर प्लेट भी नहीं थी, ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर भीम, तरुण, सन्नी, रितिक और संजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। निगम के वाहन पर हमला और हाथापाई दूसरी हिंसक घटना न्यू कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुई। यहां हमलावरों ने और भी आक्रामक रुख अपनाते हुए निगम की गाड़ी पर हमला कर दिया। हमलावरों ने आवारा गायों को निगम की गाड़ी से जबरन छुड़ा लिया और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। घटना का वीडियो साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों को डराने-धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। दिसंबर में 422 पशु सुरक्षित ठिकानों पर भेजे गए तनावपूर्ण स्थितियों के बावजूद, नगर निगम के इस विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। दिसंबर 2025 के महीने में निगम की विभिन्न टीमों ने शहर के मुख्य बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और सड़कों से कुल 422 पशुओं को पकड़ा है। इन सभी पशुओं को शहर की विभिन्न पंजीकृत गोशालाओं और नंदीशालाओं में सुरक्षित भेज दिया गया है, जहां उनके लिए चारे और चिकित्सा की उचित व्यवस्था की गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब पुलिस बल के साथ समन्वय बढ़ाकर टीमें फील्ड में उतरेंगी। निगम ने पशुपालकों से भी अपील की है कि वह अपने पशुओं को सड़कों पर खुला न छोड़ें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

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