द्वारका एक्सप्रेसवे का हरित क्षेत्र विकसित करने की तैयारी

Newswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने द्वारका एक्सप्रेसवे के हरित क्षेत्र को विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत 15 किलोमीटर में पौधारोपण किया जाएगा, जिसमें छायादार और फलदार पौधे शामिल हैं। अनुमानित लागत आठ करोड़ रुपये है। स्थानीय निवासियों ने हरित क्षेत्र की बदहाली की शिकायत की है।

द्वारका एक्सप्रेसवे का हरित क्षेत्र विकसित करने की तैयारी

गुरुग्राम, दीपक आहूजा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने द्वारका एक्सप्रेसवे का हरित क्षेत्र विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस सिलसिले में पर्यावरण शाखा की तरफ से इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। पौधारोपण पर करीब आठ करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने द्वारका एक्सप्रेसवे को विकसित किया है। एक्सप्रेसवे के डिवाइडर में तो एनएचएआई की तरफ से हरित क्षेत्र का रखरखाव किया जा रहा है। एनएचएआई सड़क और जीएमडीए की सर्विस रोड के बीच में हरित क्षेत्र की हालत बदहाल अवस्था में है। इसमें कूड़ा कर्कट पड़ा है तो सेक्टर-104 स्थित हीरो होम्स सोसाइटी के समीप सीवर का गंदा पानी आसपास लगती रिहायशी कॉलोनियों से आकर इकट्ठा हो रहा है।

स्थानीय लोगों की मांग पर जीएमडीए ने हरित क्षेत्र की सुध लेने की योजना बनाई है। योजना के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ करीब 15-15 किमी में हरित क्षेत्र में पौधे लगाए जाएंगे। इनमें छायादार और फलदार पौधे शामिल होंगे। बता दें कि द्वारका एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 70 से 80 हजार वाहनों का आवागमन होता है।शोधित पानी पहुंचाया जाएगापौधारोपण को लेकर जीएमडीए की पर्यावरण शाखा की तरफ से इस्टीमेट निर्माण अंतिम चरण में है। शोधित पानी की पाइप लाइन डालने का आग्रह सिविल शाखा से किया है। पाइप लाइन डलने के बाद पौधों तक पानी पहुंचाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। यदि पाइप लाइन नहीं डाली जाती है तो पौधों में पानी देने के लिए टैंकरों पर आश्रित होना पड़ेगा। यह काफी महंगा पड़ेगा।क्या कहते हैं स्थानीय निवासीद्वारका एक्सप्रेसवे और ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे के हरित क्षेत्र की हालत बदतर अवस्था में है। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे के हरित क्षेत्र की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है। ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे के हरित क्षेत्र में तो झुग्गियां और अस्थायी रूप से दुकानें डल गई हैं। इनकी वजह से गंदगी फैल रही है।- सुनील सरीन, उपप्रधान, आरडब्ल्यूए, इम्पीरियल गार्डन सोसाइटी, सेक्टर-102एनसीआर के मुख्य एक्सप्रेसवे में द्वारका एक्सप्रेसवे शामिल है। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर आना-जाना आसान हो गया है। इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ के हरित क्षेत्र को बेहतर ढंग से विकसित करने की जरूरत है।- प्रवीण कौशल, स्थानीय निवासी, शोभा सिटी सोसाइटी, सेक्टर-108द्वारका एक्सप्रेसवे पर हरित क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। इसको लेकर इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इस महीने के अंत तक इस्टीमेट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मंजूरी लेने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा।- जोगीराम चौहान, कार्यकारी अभियंता, पर्यावरण शाखा, जीएमडीए

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