समाज में सद्भाव, अहिंसा और एकता बढ़ाने पर जोर दिया
गुरुग्राम के सेक्टर-39 में विश्व शांति एवं सद्भावना सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड और पंजाब के राज्यपालों द्वारा किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य समाज में शांति, अहिंसा और एकता को बढ़ावा देना है। जैन आचार्य लोकेश ने शांति को समझ, सहिष्णुता और सम्मान का अभ्यास बताया। कार्यक्रम में कई प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया।

गुरुग्राम, अमर मौर्य। सेक्टर-39 के विश्व शांति केंद्र पर रविवार को विश्व शांति एवं सद्भावना सम्मेलन शुरू हुआ। इसका उद्घाटन उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह व पंजाब राज्यपाल गुलाब सिंह कटारिया ने किया। शांति का समर्थन (वी सपोर्ट पीस) अभियान को एक वैश्विक जनआंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जिसका उद्देश्य लोगों को विचार, वाणी और कर्म में शांति का समर्थन करने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान समाज में सद्भाव, अहिंसा और एकता को मजबूर करने की दिशा में जो दिया गया। अहिंसा विश्व भारती द्वारा आयोजित विश्व शांति एवं सद्भावना सम्मेलन में राज्यपालों के साथ आचार्य लोकेश, सीनियर सिटीजन केसरी क्लब की अध्यक्षा डॉ. किरण चोपड़ा तथा आचार्य पुंडरिक गोस्वामी ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि आज के समय में, जब विश्व अशांति, हिंसा, से जूझ रहा है। आचार्य लोकेश के कार्य हमें एक नई दिशा प्रदान करते हैं। वे हमें प्रेरित करते हैं कि हम लोभ, द्वेष और अहंकार से ऊपर उठकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें, जो न्यायपूर्ण, दयालु और समरस हो।पंजाब के राज्यपाल गुलाब सिंह कटारिया ने कहा कि आचार्य लोकेश ने देश विदेश में भगवान महावीर की शिक्षाओं और प्राचीन भारतीय दर्शन के प्रचार के माध्यम से शांति और सद्भाव की स्थापना, समाज कल्याण के लिए निरंतर काम किया है। विश्व स्तरीय शांति केंद्र की स्थापना के साथ आचार्य का विश्व शांति और सद्भाव का दृष्टिकोण बहुत बड़े पैमाने पर जीवंत हो रहा है।जैन आचार्य लोकेश ने कहा कि शांति केवल संघर्ष का अभाव नहीं है, बल्कि समझ, सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान का एक सजग अभ्यास है। उन्होंने विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और देशों के लोगों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन में शांति के दूत बनें। उन्होंने यह भी कहा कि वे भारतीय सनातन संस्कृति और भगवान महावीर की शिक्षाओं में निहित अहिंसा, शांति और सद्भाव के संदेश को विश्वभर में फैलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की चेयरपर्सन डॉ किरण चोपड़ा ने कहा धर्म को समाज सेवा से जोड़कर अनेक भारतीय धर्माचार्य अद्भुत कार्य कर रहे है, उसमे आचार्य लोकेश अग्रिम पंक्ति में है। आचार्य पुण्डरीक ने कहा कि धर्म का पालन करना एक जीवन-दर्शन है, जो व्यक्तिगत शांति के साथ-साथ वैश्विक सद्भावना और मानव एकता की ओर अग्रसर करता है | पूज्य आचार्यश्री लोकेश जी इस कार्य के लिए समर्पित हैं। योग प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को इस अवसर पर प्रमाण पत्र दिए गए। इस मौके पर समाजसेवी विनीत लोहिया, विजय कपूर, कमांडर कुलदीप जैन, धीरज जैन, नूपुर जैन आदि मौजूद रहे।
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