
महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
-उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने गीता महोत्सव के दूसरे दिन का शुभारंभ किया -शंखनाद व हवन के साथ हुई गीता महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत
गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हाल परिसर में चल रहे गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत शंखनाद एवं पवित्र हवन के साथ की गई। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन का आगाज किया गया। आयोजन स्थल से शुरू हुई शोभायात्रा पारंपरिक उत्साह, सांस्कृतिक वैभव और आध्यात्मिक माहौल का मनोहर प्रतीक बनी रही। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओ की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया। महोत्सव में सांस्कृतिक मंच का शुभारंभ गीता के श्लोक व मंत्रोचारण के साथ किया गया। गीता जयंती महोत्सव पूर्ण रूप से गीता के 18 अध्यायों व उनकी शिक्षाओं पर आधारित है जिसमें आमजन को गीता पर आधारित बेहतरीन प्रस्तुति देखने को मिली।

गीता महोत्सव के नोडल अधिकारी एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित कुमार तथा डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि राव नरबीर सिंह व विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी का स्वागत किया। अतिथियों ने गीता जयंती महोत्सव में लगाई गई स्टाल का अवलोकन करते हुए स्टाल संचालकों से उनकी स्टाल के बारे में जानकारी प्राप्त की। शोभायात्रा का कई जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया: उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर हरी झंडी दिखाकर भव्य शोभायात्रा को रवाना किया। जो महोत्सव से शुरू हुई। यह यात्रा सोहना चौक, शिवमूर्ति चौक और न्यू कॉलोनी मोड़ से आगे बढ़ी, जहां मार्ग में लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया। पूरे रास्ते में ढोल-नगाड़ों की धुन, लोक कलाकारों की झांकी, धार्मिक झांकियों ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। शोभायात्रा का समापन गीता कॉलोनी स्थित गीता भवन में हुआ। जहां श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस कार्यक्रम को और भी भव्यता प्रदान की। यात्रा के प्रबंधन में पुलिस व सिविल डिफेंस टीम का विशेष सहयोग रहा। जीवन को सही दिशा देने वाला अनमोल मार्गदर्शन : राव नरबीर सिंह ने कहा कि भगवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शन है। गीता के उपदेश हर युग में प्रासंगिक हैं और मनुष्य को धैर्य, संयम, कर्तव्यनिष्ठा तथा सत्कर्मों की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि जब जीवन में कोई चुनौती या भ्रम सामने आता है, तब गीता हमें स्पष्टता और साहस प्रदान करती है। गीता का छोटा-सा सार भी व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा जगाकर हर संशय दूर कर देता है। राव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने राज्य में आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण को मज़बूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे नई पीढ़ी के अंदर उत्तम संस्कार विकसित हो रहे हैं। गीता जयंती महोत्सव न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर में भारतीय ज्ञान और संस्कृति के अद्वितीय संदेश के रूप में मनाया जा रहा है। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन: महोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे दीप प्रज्वलन व हवन के साथ हुआ। जिसके बाद राधिक केसरी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धा और भक्ति का भाव जागृत किया। विभिन्न विद्यालयों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टीकली, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अर्जुन नगर और मॉडल संस्कृति स्कूल सुशांत लोक के विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक हरियाणवी एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कलाकार मोंटी शर्मा द्वारा प्रस्तुत हरियाणवी नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। जिसने कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। पूरे आयोजन में बच्चों और कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गीता जयंती के इस पावन उत्सव को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में जिला परिषद के सीईओ व महोत्सव नोडल अधिकारी सुमित कुमार, डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार, निगम पार्षद कुलदीप यादव व धर्मबीर भांगरौला, देवेंद्र शिकोहपुर, कलाग्राम सोसायटी की निदेशक शिखा गुप्ता, जियो गीता संस्थान से लोकेश नारंग, सतीश तायल, गोविंद लाल आहूजा, सुभाष गाबा, आशीष गुप्ता, श्री शीतला माता मंदिर से पंकज समेत अन्य उपस्थित रहे। महोत्सव का समापन आज जिला स्तरीय गीता महोत्सव का सोमवारर को अंतिम दिन विशेष उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया जाएगा। समापन समारोह में डीसी अजय कुमार मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगे। विभिन्न प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के सहभागी बच्चों को पुरुस्कार प्रदान करेंगे। पूरे महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों, कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है। जिससे यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हुआ है बल्कि युवा पीढ़ी में गीता के आदर्शों को समझने और अपनाने की प्रेरणा भी मिली है।

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