गैस एजेंसियों पर व्यावसायिक सिलेंडरों में कटौती
गुरुग्राम में गैस एजेंसियों पर व्यावसायिक सिलेंडरों की कटौती की गई है, जिसके चलते कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 19 किलोग्राम के सिलेंडरों की आपूर्ति में 40 प्रतिशत कमी आई है। छोटे सिलेंडरों की मांग बढ़ी है, लेकिन वे भी उपलब्ध नहीं हैं।

गुरुग्राम, अमर मौर्य। जिले में गैस एजेंसियों पर व्यावसायिक सिलेंडरों की कटौती की गई है। एजेंसियों पर छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने के बाद यह कदम उठाया गया है। प्रति गैस एजेंसी पर 20 प्रतिशत तक 19 किलोग्राम के सिलेंडर कम किए गए हैं। एजेंसियों को 40 प्रतिशत सिलेंडर मिल रहे है। जिससे कारोबारियों को 70 के बजाय 30 प्रतिशत व्यावसासिक सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। उनके खाद्य पदार्थो को तैयार करने में परेशानी के साथ कारोबार प्रभावित है। गुरुग्राम में तीन गैस कंपनियों के 58 गैस एजेंसियां संचालित हो रही है। इन एजेंसियों पर करीब दस हजार व्यावसायिक सिलेंडरों के कनेक्शन है। घरेलू सिलेंडरों की कमी के चलते छोटे सिलेंडरों को बढ़ावा दिया गया है। हर एजेंसी पर 300 से 400 पांच किलो सिलेंडर के कनेक्शन दिए है। एजेंसियों पर करीब 18 हजार छोटे सिलेंडरों के कनेक्शन है। एजेंसी संचालकों के अनुसार छोटे सिलेंडर भी व्यावसायिक सिलेंडरों की कटेगरी में आते है। इसलिए 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडरों की गैस कंपनी ने कटौती कर दी है। 40 से 50 प्रतिशत तक व्यावसायिक सिलेंडर एजेंसियों को मिल रहे हैं। जिससे कारेाबारियों को व्यावसायिक सिलेंडर निर्धारित से कम दिए जाते है。
नहीं उपलब्ध हुए छोटे सिलेंडर:
पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रवासी श्रमिकों की असुविधा को देखते हुए पांच किलो के छोटे सिलिंडर की उपलब्धता पर जोर दिया है, लेकिन गुरुग्राम की अधिकांश गैस एजेंसियों पर यह कम ही उपलब्ध है। सेक्टर-37 के एजेंसी मैनेजर महावीर ने बताया कि कुछ दिन पूर्व छोटे सिंलेंडर आए थे, लेकिन वह कुछ दिन में खत्म हो गए। नया स्टाक कम ही आ रहा है। छोटे सिलेंडरों की मांग इस समय अधिक हो गई है। घरेलू सिलेंडरों के गैस कनेक्शन बंद होने से छोटे सिलेंडर की मांग बढ़ गई है।
आपूर्ति कम होने से वैकल्पिक ईंधन का सहारा बनाया:
40 प्रतिशत व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी के कारण रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा कारोबारियों को वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। 30 प्रतिशत सिलेंडर मिलने काम प्रभावित हो रहा है। होटल कारोबारी मनीष, राकेश, मोहित ने आदि ने कहा कि जिला खाद्य आपूर्ति विभाग से शिकायत करने के बाद भी 70 प्रतिशत व्यावसायिक सिलेडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है। जो आपूर्ति मिल रही है, इससे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट पर पूर्ति नहीं हो पाती है। वैकल्पिक ईंधन में तंदूर और इलेक्ट्रिक चूल्हे का उपयोग कर रहे है। बिजली का बिल भी दोगुना हो गया है।
जरुरत के अनुसार व्सावसायिक सिलेंडर मिलते है:
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विभाग के सब निरीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि कारोबारियों को जरुरत के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडर मिलते है। छोटे सिलेंडर की मांग अधिक है। गैस एजेंसियों से छोटे सिलेंडरों की रिपोर्ट ली जाती है। सिलेंडरों की कमी नहीं है। घरेलू गैस कनेक्शन अभी बंद है। खोलने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं आया है।
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