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गुड़गांव

14 साल में 350 गरीब कन्याओं का कराया नि:शुल्क शादियां

हिन्दुस्तान टीम,गुड़गांवPublished By: Newswrap
Mon, 25 Jan 2021 11:50 PM
14 साल में 350 गरीब कन्याओं का कराया नि:शुल्क शादियां

गुरुग्राम। केंद्रीय श्री सनातन धर्म सभा गरीबों की मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं। सभा पिछले 14 वर्षों से सर्वधर्म सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन कर गरीब बहन-बेटियों की शादी करा रहे हैं। सभा ने परोपकार की इस मुहिम को अनवरत जारी रखा है। हर साल से 25 गरीब कन्याओं की शादियां कराई जाती हैं। इसके साथ ही न्यू कॉलोनी के गीता भवन मंदिर में समाज के गरीबों, जरूरतमंदों के आंखों की जांच से लेकर शिविर लगाते रहे हैं।

16 फरवरी को होगी शादियां:

शहर के न्यू कॉलोनी के गीता भवन मंदिर पर इस बार 16 फरवरी को सर्वधर्म सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। केंद्रीय श्री सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष सुरेंद्र खुल्लर का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से वह सर्वधर्म सामूहिक विवाह का कार्यक्रम आयोजित करते चले आ रहे हैं। हर साल 25 से 30 शादियां कराते हैं। गरीब कन्याओं की संख्या अधिक होने पर पांच सालों से दो भागों में शादियां करवाई जाती है। इसमें केंद्रीय सभा से 14 और श्री सनातन धर्म सभा से 11 शादियां शामिल हैं। श्री सनातन धर्म सभा की तरफ से वर्ष 2015 से शादियां कराई जा रही हैं।

350 गरीब कन्याओं का विवाह करा चुके हैं:

अध्यक्ष ने कहा कि आज भौतिकता की आंधी और महंगाई ने गरीबों की कमर और भी तोड़कर रख दी है। ऐसे में उनकी सभा का हाथ हमेशा गरीबों की मदद के लिए आगे रहेगा। सामाजिक सरोकार की जो कड़ी समाज के लोगों ने मिलकर शुरू की थी, उसे वह जारी रखेंगे। पिछले 14 वर्षों के भीतर 18 शादी के कार्यक्रम कर 350 से अधिक गरीब कन्याओं का विवाह करा चुके हैं।

संस्था के उपाध्यक्ष मुनीष खुल्लर ने कहा कि 16 फरवरी को होने वाले सर्वधर्म सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गरीब लड़कियों की शादी का पूरा खर्च सभा उठाएगा। नव विवाहित जोड़े को हर घरेलू सामान देकर विदाई की जाती है। पूरे रीत रिवाज के अनुसार शादियां होती हैं। इसमें किसी भी समाज की कन्या होती हैं। मुनीष कहते हैं कि सब कुछ भगवाल का दिया हुआ है। किसी चीज की कोई कमी नहीं है। अमीरों के कई मददगार बन जाते हैं लेकिन गरीबों की सेवा करके जो आत्मिक सुकून मिलता है, उसका वर्णन नहीं किया जा सकता है।

लॉकडाउन में घर-घर जाकर कराई शादियां:

मुनीष ने कहा कि लॉकडाउन में भी गरीब कन्याओं की शादियां करवाई गई थी। सामूहिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं होने पर घर-घर जाकर गरीबों की शादियां करवाई जाती हैं। यह शादियां धूमधाम से नहीं हो सकी, लेकिन पूरे रीत रिवाज से कराई गई है।

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