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करोड़ों की जमीन का फर्जीवाड़ा: ड्राइवर बना फर्जी मालिक, 1.83 करोड़ में बेची जमीन

करोड़ों की जमीन का फर्जीवाड़ा: ड्राइवर बना फर्जी मालिक, 1.83 करोड़ में बेची जमीन

संक्षेप:

गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। गुरुग्राम में एक चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश हुआ है, जहां एक स्कूल वैन ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमीन का फर

Nov 13, 2025 11:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम। गुरुग्राम में एक चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश हुआ है, जहां एक स्कूल वैन ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमीन का फर्जी मालिक बनकर करोड़ों रुपये का प्लॉट बेच दिया। आर्थिक अपराध शाखा-I गुरुग्राम की पुलिस टीम ने इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस को 30 जनवरी को सोहना में हुई इस धोखाधड़ी की एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता विनीत कश्यप ने बताया कि उन्होंने और उनके भाई विनोद कश्यप ने वर्ष 1989 में सोहना के खत्रिका गांव में लगभग 46 कनाल जमीन खरीदी थी। 12 अगस्त को उन्हें पता चला कि उनकी इस जमीन को दो फर्जी व्यक्तियों ने फर्जी विनीत कश्यप और फर्जी विनोद कश्यप ने मालिक बनकर, उनके जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन के कागजात बनवाकर किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया है।

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इस फर्जीवाड़े के तहत यह जमीन एक करोड़ 83 लाख 22 हजार 500 रुपये में बेची गई थी। आर्थिक अपराध शाखा एक की टीम ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को अलीगढ़ से मुख्य आरोपी ओमवीर को गिरफ्तार किया। आरोपी ओमवीरअलीगढ़ में एक स्कूल वैन ड्राइवर के रूप में काम करता है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने जुलाई 2024 में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। ओमवीर फर्जी विनीत कश्यप बनकर रजिस्ट्री में उपस्थित हुआ। इस धोखाधड़ी में बेची गई राशि में से लगभग 84 लाख रुपये सीधे ओमवीर के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। रिमांड पर लिया गया आरोपी पुलिस ने आरोपी ओमवीर उर्फ फर्जी विनीत कश्यप को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर आगे की गहन पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया है। पुलिस इस रिमांड के दौरान ओमवीर के अन्य साथियों की पहचान करने, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले रैकेट तक पहुंचने और ठगी गई शेष राशि की बरामदगी का प्रयास करेगी। आर्थिक अपराध शाखा इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।