दमकल कर्मियों की हड़ताल से शहर में बिगड़े हालात

Newswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम में दमकल कर्मियों की हड़ताल बुधवार को आठवें दिन भी जारी रही। 80 फीसदी कर्मचारी काम बंद करके बैठे हैं, जिससे दमकल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। गर्मी में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए तैनात किया है।

दमकल कर्मियों की हड़ताल से शहर में बिगड़े हालात

गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। जिले में दमकल कर्मियों की हड़ताल बुधवार को आठवें दिन भी जारी रही। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विभाग के 80 फीसदी कर्मचारी काम बंद करके बैठे हैं। लगातार चल रही इस हड़ताल के कारण शहर की दमकल सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। गर्मी के मौसम में रोजाना 10 से ज्यादा आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे हालात और भी चिंताजनक बन गए हैं। शहर में फिलहाल 500 से ज्यादा दमकल कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन हड़ताल के कारण प्रशासन को अब अन्य विभागों के सहारे आपातकालीन व्यवस्था करनी पड़ रही है। हालात को बेकाबू होने से बचाने के लिए प्रशासन ने दूसरे विभागों के कर्मचारियों को दमकल विभाग में भेजा है।

आग बुझाने और गाड़ियां चलाने के लिए 52 रोडवेज बस चालक, 25 पुलिस सिपाही और 90 वॉलंटियर की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन ने पुलिस विभाग के जवानों को सीधे मोर्चे पर तैनात किया है। शहर के सेक्टर-29, उद्योग विहार, भीम नगर, सेक्टर-37 और आईएमटी मानेसर जैसे प्रमुख दमकल केंद्रों पर चार-चार सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन पुलिसकर्मियों को आग बुझाने का प्राथमिक प्रशिक्षण और जरूरी उपकरण दिए गए हैं, ताकि वह आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य कर सकें। इससे पहले रोडवेज चालकों को भी दमकल केंद्रों पर भेजा गया था, ताकि दमकल की गाड़ियों के पहिए न रुकें।डिपो में धूल फांक रहीं 50 से ज्यादा बसें, यात्री बेहालदमकल विभाग में रोडवेज बस चालकों की ड्यूटी लगने का सीधा और बड़ा असर शहर की परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। चालकों की भारी कमी के कारण लोकल और लंबे रूटों की 50 से अधिक बसें डिपो में ही खड़ी हैं। बिना चालकों के बसें अपने निर्धारित रूटों पर नहीं निकल पा रही हैं। बसों के न चलने से आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को चिलचिलाती धूप में घंटों तक बस स्टैंड पर अपनी बस का इंतजार करना पड़ रहा है।औद्योगिक और घनी आबादी वाले इलाकों में बढ़ा खतरागर्मी का असर बढ़ने के साथ ही शहर में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। दमकल विभाग में कर्मचारियों की कमी और चल रही हड़ताल के कारण आग बुझाने के काम में काफी परेशानी आ रही है। इस स्थिति से शहर के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों में किसी बड़ी अनहोनी का खतरा काफी बढ़ गया है। प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है कि स्थिति नियंत्रण में रहे।दमकल कर्मियों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी, दी चेतावनीसेक्टर 29 दमकल केंद्र में कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को आठवें दिन भी जारी रही। यूनियन के जिला प्रधान साहुन खान की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सर्व कर्मचारी संघ के नेता जोगिंदर करोथा और बसंत कुमार ने समर्थन देते हुए आरोप लगाया कि दमकल अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं कि आग बुझाने का काम सही चल रहा है। सच्चाई यह है कि सोनीपत के बदाना में दमकल गाड़ी समय पर न पहुंचने से खेत में एक व्यक्ति की जलकर मौत हो गई। यूनियन ने मांग की है कि फरीदाबाद में जान गंवाने वाले दमकल कर्मी भवी चंद शर्मा और रणवीर सिंह को शहीद का दर्जा दिया जाए। उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। इसके अलावा पे-रोल व ठेका मजदूरों को पक्का किया जाए और 6 साल का रुका हुआ एरियर दिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सीएम को खुद बातचीत कर इसका हल निकालना चाहिए। मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और आगामी चुनावों में विरोध की चेतावनी दी गई है। वहीं, नगरपालिका कर्मचारी संघ ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। मानेसर में मजदूरों पर लाठीचार्ज और दमकल कर्मियों के समर्थन में निगम कर्मचारी 16 अप्रैल को शहर में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे।

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