कोर्ट में आग लगने की जांच एसआईटी करेगी

Newswrap हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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गुरुग्राम जिला अदालत परिसर के रिकॉर्ड रूम में रविवार को भीषण आग लगी। इस घटना में 21 अदालतों को भारी नुकसान हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। अदालतों को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने सभी न्यायिक कार्य को जारी रखने का आश्वासन दिया है।

कोर्ट में आग लगने की जांच एसआईटी करेगी

गुरुग्राम, गौरव चौधरी। जिला अदालत परिसर के रिकॉर्ड रूम में रविवार को लगी भीषण आग के मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को तुरंत इमारत का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट (ढांचागत सुरक्षा जांच) करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑडिट रिपोर्ट आने से पहले किसी को भी इमारत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस अग्निकांड में 21 अदालतों के कमरों, अहलमद रूम और जजों के रिटायरिंग चैंबर को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद पूरी इमारत को सील कर दिया गया है। इस हादसे के पीछे किसी बड़ी साजिश या शरारत की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रजत वर्मा की शिकायत पर शिवाजी नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(जी) (आग या विस्फोटक पदार्थ द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मंगलवार को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और सीन ऑफ क्राइम की टीमों ने जले हुए रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया और आग लगने के असल कारणों का पता लगाने के लिए सबूत जुटाए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है।

सात सदस्यीय एसआईटी का गठन

इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष, विस्तृत और तकनीकी जांच सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को एक सात सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। यह टीम एसीपी सदर धर्मबीर सिंह के नेतृत्व में काम करेगी। डीसीपी पश्चिम करण गोयल इस पूरी जांच की निगरानी करेंगे। एसआईटी में शिवाजी नगर थाना प्रभारी, सीआईए प्रभारी सेक्टर-10, साइबर सेल प्रभारी (पश्विम), सब-इंस्पेक्टर संजय, सब-इंस्पेक्टर नरपाल और हेड कांस्टेबल गोविंद को शामिल किया गया है।

रेस्ट हाउस में शिफ्ट हुईं अदालतें

रविवार को लगी इस आग के कारण न्यायिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए मंगलवार को लगभग सभी प्रभावित अदालतों के रिकॉर्ड और कार्यवाही को पुरानी इमारत से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने कहा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता रिकॉर्ड का पुनर्निर्माण, वैकल्पिक व्यवस्था और अदालती कार्यवाही को बिना किसी बाधा के जारी रखना है ताकि जनता को कोई परेशानी न हो। गुरुग्राम बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रकांत शर्मा ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। उन्होंने वकीलों और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी न्यायिक कार्य पूरी तरह व्यवस्थित और सुनियोजित तरीके से वैकल्पिक परिसर में संचालित किए जा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिला अदालत परिसर में आग कब लगी?
रविवार को जिला अदालत परिसर के रिकॉर्ड रूम में भीषण आग लगी।
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