Gurgaon News: बाजारों में लड्डू गोपाल और पोशाकों की खरीदारी बढ़ी
Gurgaon News: जन्माष्टमी की तैयारी: -हाथ से बनी डिजाइनर, सॉफ्ट फैब्रिक पोशाकों की मांग -मंदिरों को सजाने के लिए फूल बंगले, रंग-बिरंगे झूले आए -कान्हा के रंग रंगे बा

Gurgaon News: गुरुग्राम, अमर मौर्य। जन्माष्टमी को लेकर मिलेनियम सिटी के बाजार पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंगने लगे। हैं। सदर बाजार, सोहना चौक, जैकबपुरा, सेक्टर-14, 31 समेत कॉलोनियों के बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिल रही है। दुकानों पर सजी लड्डू गोपाल की आकर्षक पोशाकें, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, झूले, आभूषण और मंदिर सजावट की सामग्री लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। मंदिरों को सजाने के लिए फूल बंगले, रंग-बिरंगे झूले आए। जन्माष्टमी से पहले बाजारों में बढ़ी यह चहल-पहल व्यापारियों के लिए भी राहत लेकर आई है, क्योंकि त्योहार के कारण कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बाजारों में सिर्फ पारंपरिक वस्तुओं की ही नहीं, बल्कि डिजाइनर और प्रीमियम कलेक्शन की मांग देखने को मिल रही है। जहां अधिकांश श्रद्धालु साधारण पोशाकें खरीदते थे, वहीं अब लोग विशेष डिजाइन वाली पोशाकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मोती, कुंदन, जरी और स्टोन वर्क से सजी लड्डू गोपाल की पोशाकें ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं। कई परिवार जन्माष्टमी पर अपने घरों में विशेष झांकी सजाने के लिए अलग-अलग थीम की पोशाकें और सजावट सामग्री खरीद रहे हैं.
राधा-रानी के वस्त्र की मांग
सदर बाजार के दुकानदार राकेश गुप्ता ने कहा कि बाजार में लड्डू गोपाल के लिए विभिन्न आकारों और डिजाइनों की पोशाकें उपलब्ध हैं। छोटी पोशाकों की कीमत 150 व 250 रुपये से शुरू होकर प्रीमियम कलेक्शन में 1500 रुपये या उससे अधिक तक पहुंच रही है। इस बार खरीदारों की रुचि केवल सस्ती वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन वाले उत्पादों पर भी खर्च करने को तैयार हैं। मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, हार, कंगन, पायल, कान के आभूषण और अन्य प्रकार के सजावटी सामान खरीदने के लिए लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं। इस बार राधा रानी के वस्त्र और श्रृंगार सामग्री की मांग भी तेजी से बढ़ी है.
बच्चों के खरीद रहे कान्हा पोशाक
शहर के बाजारों में छोटे बच्चों के लिए कान्हा और राधा के वस्त्रों की बिक्री बढ़ी है। कई स्कूल, कॉलोनियों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों को कृष्ण और राधा के रूप में तैयार किया जाता है। इसे देखते हुए अभिभावक बड़ी संख्या में बच्चों के लिए विशेष परिधान खरीद रहे हैं। छोटे मुकुट, मोरपंख, बांसुरी और पारंपरिक आभूषणों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व हर साल कारोबार में नई ऊर्जा लेकर आता है, लेकिन इस बार मांग पिछले साल की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है.
कान्हा से जुड़ी सामग्री के दाम
झूले-500 से 1250 रुपये
मुकुट- 150 से 500 रुपये
बांसुरी- 100 से 300 रुपये
मोरपंख- 25 से 50 रुपये
सजावटी फूल -50 से 100 रुपये
रंग-बिरंगी झालरें-100 से 750 रुपये
एलईडी लाइटें-250 से 450 रुपये


