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24 जनवरी, 2021|7:34|IST

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किसानों ने विवादित जमीन पर गड़े खंभे उखाड़े

किसानों ने विवादित जमीन पर गड़े खंभे उखाड़े

फर्रुखनगर। मोहम्मदपुर-फर्रुखनगर सीमा क्षेत्र के बीच करीब तीस फीट खाली जमीन किसानों और एक कंपनी के बीच विवाद की वजह बन गई है। जमीन को लेकर ही सोमवार को कंपनी के कर्मचारियों व किसानों के बीच कहासुनी हो गई। कंपनी के कर्मचारी खड़ी फसल के बीच सीमेंट के पोल लगाने पहुंच गए। इस पर किसानों ने इसका विरोध किया और यहां लगाए गए पोल उखाड़ दिए। मामले को बिगड़ता देख कंपनी के कर्मचारियों ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके पुलिस बुलाई। तब जाकर मामला शांत हुआ। किसान रगबीर सिंह, राकेश, राजबीर सिंह सैनी, ओम प्रकाश, पार्षद अशोक कोहली, शिवदयाल, सोनू, अमित आदि ने बताया कि एक एक दशक पहले निजी कंपनी ने फर्रुखनगर-मोहम्मदपुर गांव की करीब 300 एकड़ भूमि अलग अलग किसानों से खरीदी थी। कंपनी ने भूमि पर पैमाइस के बाद पोल खडे़ कर कब्जा लेना शुरू कर दिया, लेकिन फर्रुखनगर शहर की सीमा के अंर्तगत आने वाले खेतों की पैमाइस ठीक नहीं होने के कारण किसान नाखुश है। कंपनी के कर्मचारी, अधिकारी और पटवारी, गिरदावर द्वारा जो पैमाइस कराई गई है, वह सीमा पत्थर अथवा बूर्जी से न करवा कर गांव मोहम्मदपुर की सीमा रेखा से 30 फीट चौड़ी और करीब 10 एकड़ भूमि की लंबाई को छोड़ कर कराई गई है। कंपनी की पैमाइस को अगर ठीक मानकर कंपनी जमीन पर कब्जा लेती है तो तहसील, बीडीपीओ कार्यालय जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग का ट्यूबवेल , किसानों के मकान , तहसील के साथ लगती वत्स कॉलोनी, नगरपालिका की हडवारी की जमीन भी प्रभावित होगी। जबकि फर्रुखनगर-मोहम्मदपुर की सीमा के बीच शेष 30 फीट चौड़ी भूमि का सरकारी रिकॉर्ड में कोई मालिक नहीं दर्शाया गया है। किसानों ने बताया कि कंपनी अगर जबरदस्ती जमीन का कब्जा लेती है तो वह धरना प्रर्दश के लिए मजबूर होंगे। किसान अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर कब्जा लेने पहुंचे कमर्चारी जयसिंह, रामनिवास आदि ने बताया कि कंपनी ने अपनी जमीन की पैमाइस करा ली है।

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  • Web Title:Farmers uprooted pillars on disputed land