नारी शक्ति वंदन अधिनियम: सशक्त और समावेशी भारत की नई आधारशिला
गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। जिला प्रशासन की सहभागिता से बुधवार को नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। पटौदी की विधायक बिमला चौधरी के संयोजन तथ

गुरुग्राम, गौरव चौधरी। जिला प्रशासन की सहभागिता से बुधवार को नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। पटौदी की विधायक बिमला चौधरी के संयोजन तथा भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह सम्मेलन गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा के संसदीय बोर्ड की सदस्य एवं पूर्व सांसद सुधा यादव सहित गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मेयर राजरानी मल्होत्रा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान नारी शक्ति के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, उनकी उपलब्धियों और योगदान को रेखांकित करते हुए महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।सशक्तिकरण
से नेतृत्व की ओर ऐतिहासिक कदम : सुधा यादवनारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को साकार करने वाला ऐतिहासिक कदम बताते हुए सुधा यादव ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी दिलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से इस बिल को लाने और पारित कराने के प्रयास होते रहे, लेकिन यह सफल नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 में इसे संसद में पारित कराकर महिलाओं के लिए नेतृत्व के नए द्वार खोले गए। यह अधिनियम महिलाओं के संघर्ष, उनके अधिकारों की मांग और समाज में समान भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उन्हें केवल सशक्त ही नहीं बल्कि नीति-निर्माण के केंद्र में स्थापित करता है।महिला भागीदारी का नया युग : बिमला चौधरीनारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश में महिलाओं की भूमिका को नए आयाम देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कार्यक्रम की संयोजिका एवं पटौदी से विधायक बिमला चौधरीने कहा कि लंबे समय से महिलाएं राजनीतिक और सामाजिक निर्णय प्रक्रिया में अपनी समान भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखती थीं, लेकिन यह सपना कई बार अधूरा रह गया। अनेक प्रयासों के बावजूद यह विधेयक पारित नहीं हो सका, किंतु वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संसद से पारित कर एक नई दिशा दी गई। यह अधिनियम केवल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें नीति-निर्माण और नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।समावेशी भारत की मजबूत आधारशिला : राजरानी मल्होत्रामेयर राज रानी मल्होत्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत के उज्ज्वल, समावेशी और सशक्त भविष्य की आधारशिला है। यह कानून केवल महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जो ठोस परिणाम सामने आए हैं, वे सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।मिस्ड कॉल अभियान में महिलाओं का उत्साहपूर्ण समर्थनसम्मेलन के दौरान नारी शक्ति वंदन अभियान को व्यापक समर्थन मिला, जहां सैकड़ों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस पहल ने महिलाओं में जागरूकता और भागीदारी की भावना को और मजबूत किया। बता दें कि डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया पर #NariShaktiVandan हैशटैग के जरिए भी इस अभियान को गति दी जा रही है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचे।
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