
सुविधा: सरकारी स्कूलों के लिए खरीदे जाएंगे ड्यूल डेस्क
शिक्षा विभाग की तैयारी, स्कूलों में बदलेगा फर्नीचर, शिक्षा विभाग ने बुलाई बैठक सुविधा: सरकारी स्कूलों के लिए खरीदे जाएंगे ड्यूल डेस्क सुविधा: सरकारी
शिक्षा विभाग की तैयारी, स्कूलों में बदलेगा फर्नीचर, शिक्षा विभाग ने बुलाई बैठक शिक्षा विभाग करेगा ड्यूल डेस्क की खरीद, शर्तें और तकनीकी मानक होंगे तय स्टूडेंट-फ्रेंडली फर्नीचर को लेकर बैठक में तय होंगी पात्रता शर्तें और तकनीकी स्पेसिफिकेशन सरकारी स्कूलों के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर पर फोकस गुरुग्राम,संवाददाता। सरकारी स्कूलों में वर्षों बाद नए ड्यूल डेस्क आने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने छात्रों को बेहतर और सुरक्षित बैठने की सुविधा देने के उद्देश्य से स्टूडेंट-फ्रेंडली स्कूल फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों के लिए ड्यूल डेस्क खरीदे जाएंगे, जिनकी शर्तें, पात्रता और तकनीकी मानक प्री-बिड बैठक में तय किए जाएंगे।
एक लंबे अरसे बाद यह सुविधा स्कूलों को मिलेगी। अभी तक स्कूल में स्थिति काफी खराब है। ऐसे में यह सुविधा शुरू होने से छात्रों को काफी राहत मिल सकती है। बैठक में तय होंगी शर्तें और तकनीकी मानक: शिक्षा विभाग की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, स्कूल फर्नीचर (ड्यूल डेस्क) की खरीद को लेकर सभी संबंधित कंपनियों से सुझाव मांगे गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, मजबूत और स्टूडेंट-फ्रेंडली फर्नीचर उपलब्ध कराया जा सके। बैठक 21 जनवरी को सुबह 11 बजे स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा सदन में आयोजित होगी। बैठक में फर्नीचर निर्माण से जुड़ी कंपनियों के साथ बातचीत कर शर्तें, पात्रता मानदंड और तकनीकी स्पेसिफिकेशन तय किए जाएंगे। वर्षों बाद बदलेगा स्कूलों का फर्नीचर: जिले के कई सरकारी स्कूलों में लंबे समय से नया फर्नीचर नहीं आया है। कक्षाओं में डेस्क-बेंच की भारी कमी के कारण बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। ऐसे में ड्यूल डेस्क की खरीद से छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इतना ही नहीं सीनियर कक्षाओं के लिए भी स्कूलों में फर्नीचर के काफी कमी है। जिस वजह से इतने वर्षों बाद भी बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ना पड़ता है। छात्रों की सेहत और पढ़ाई पर पड़ेगा सकारात्मक असर: शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, उचित फर्नीचर न होने से बच्चों को पीठ और गर्दन से जुड़ी समस्याएं होती हैं। ड्यूल डेस्क आने से बच्चों की बैठने की मुद्रा सुधरेगी और पढ़ाई में भी एकाग्रता बढ़ेगी। गुरुग्राम के सरकारी स्कूलों में फर्नीचर की स्थिति: गुरुग्राम जिले में करीब 550 सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें 300 से अधिक प्राइमरी और मिडिल स्कूल शामिल हैं, जिनमें कई स्कूल कंबाइंड रूप से चल रहे हैं। जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों में फर्नीचर की भारी कमी है। हालात यह हैं कि 50 फीसदी से अधिक स्कूलों में पूरा फर्नीचर उपलब्ध नहीं है, जिससे बच्चों को कक्षाओं में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। शिक्षा विभाग द्वारा ड्यूल डेस्क की प्रस्तावित खरीद से इन स्कूलों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। इसलिए जरूरी हैं ड्यूल डेस्क: सरकारी स्कूलों में ड्यूल डेस्क केवल बैठने की सुविधा नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने का भी अहम जरिया माने जा रहे हैं। ड्यूल डेस्क में दो छात्रों के लिए एक साथ बैठने की व्यवस्था होती है, जिससे कक्षा में जगह का बेहतर उपयोग होता है। इससे कक्षाओं में भीड़ कम होती है और छात्रों के बीच समन्वय बढ़ता है। नए ड्यूल डेस्क इस तरह डिजाइन किए जा रहे हैं कि वे छात्रों की उम्र और कद के अनुसार आरामदायक हों, जिससे लंबे समय तक बैठने के बावजूद थकान कम महसूस होती है। शिक्षा विभाग के स्तर पर इस बार खास ध्यान इस बात पर दिया जा रहा है कि फर्नीचर नॉन-टॉक्सिक मटीरियल, गोल किनारों और मजबूत फ्रेम के साथ हो, ताकि छोटे बच्चों को किसी तरह की चोट का खतरा न रहे। साथ ही, ड्यूल डेस्क को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वे लंबे समय तक खराब न हों और बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े। जब बच्चों को सही ऊंचाई और आरामदायक डेस्क मिलती है, तो उनकी लिखने की गति, हैंडराइटिंग और पढ़ने में एकाग्रता में साफ सुधार देखने को मिलता है।

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