
दूसरी बार द्वारका एक्सप्रेसवे धंसा
संक्षेप: गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर एवीएल 36 सोसाइटी के पास पिछले 25 दिनों में दूसरी बार धंसाव हुआ है। एनएचएआई ने जीएमडीए को जिम्मेदार ठहराया है, जो पाइपलाइन डालने का काम कर रहा था। सही प्रक्रिया का पालन न करने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। इस मुद्दे पर जीएमडीए का पक्ष नहीं मिल सका।
गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। सेक्टर-36 स्थित एवीएल 36 सोसाइटी के समीप पिछले 25 दिन में द्वारका एक्सप्रेस वे दूसरी बार धंसा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सूचना मिलने के तुरंत बाद बेरीकेडिंग करके धंसे हिस्से को दुरुस्त तो कर दिया है, लेकिन इसका जिम्मेदार गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों को ठहराया है। जीएमडीए की तरफ से एवीएल 36 सोसाइटी के समीप दो हजार एमएम क्षमता की पाइप लाइन को द्वारका एक्सप्रेस वे के नीचे से निकाला जा रहा था। सेक्टर-58 से लेकर 80 तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की योजना के तहत यह पाइप लाइन डाली जा रही थी।

पाइप लाइन डालने का तरीका सही नहीं होने और मंजूरी नहीं लेने पर एनएचएआई ने इस कार्य को रूकवा दिया था। जीएमडीए के इस कार्य की वजह से 25 दिन पहले भी एक्सप्रेसवे धंस गया था। रविवार सुबह एक्सप्रेसवे के धंसने की सूचना मिलने पर एनएचएआई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एक्सप्रेसवे निर्माता एजेंसी की मदद से इसको दुरुस्त करवाया गया। चार लेन की इस सड़क में तीसरी लेन धंसी है। ऐहतिहात बरतते हुए एनएचएआई ने धंसे हिस्से को ठीक करने के बाद उसकी बेरीकेडिंग करवा दी है। एनएचएआई के परियोजना अधिकारी आकाश पाधी ने बताया कि जीएमडीए की तरफ से गलत प्रणाली से द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे पाइप लाइन डाली जा रही थी। फिलहाल तो काम रूकवा दिया है, लेकिन एक्सप्रेसवे के नीचे से मिट्टी खिसकने के कारण यह धंसा है। जीएमडीए को इससे सूचित किया है। इस मामले में जीएमडीए का पक्ष नहीं मिल सका है।

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