भ्रूण हत्या रोकने के लिए निगरानी होगी

हिन्दुस्तान, गुड़गांव
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-पीएनडीटी एक्ट की जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई -जिले में अवैध लिंग जांच सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए -सहेली नेटवर्क और ग्राम पंचायतों की भागीदारी से

भ्रूण हत्या रोकने के लिए निगरानी होगी

गुरुग्राम,अमर मौर्य। लघु सचिवालय में मंगलवार को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हई। इसमें पीसी-पीएनडीटी एक्ट, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट और एआरटी एक्ट के तहत चल रही कार्यवाही की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की मंशा के अनुरूप कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाया जाए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जिले में अवैध लिंग जांच और गैर-कानूनी गतिविधियों पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए। निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाए。

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका

स्वास्थ्य विभाग और फील्ड स्तर पर कार्यरत टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि सहेली नेटवर्क और ग्राम पंचायतों की भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। गर्भवती महिलाओं, विशेष रूप से एक या अधिक बेटियों वाली महिलाओं पर विशेष नजर रखी जाए। ताकि किसी भी संदिग्ध मामले में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

जागरूकता अभियानों की योजना

डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कम सेक्स रेशियो वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाए। गांव स्तर पर रेड, ग्रीन और येलो श्रेणी के अनुसार प्रदर्शन बोर्ड लगाए जाएं तथा लोगों को बेटी बचाओ अभियान से जोड़ने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएं। जागरूकता रैलियां, दीवार लेखन, पोस्टर अभियान और बेटी बचाओ गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।समाज में कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लैंगिक समानता के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचे।

पीसीपीएनडीटी के अंतर्गत आंकड़े

सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह ने बताया कि जिले में पीसीपीएनडीटी के तहत 395 केंद्र पंजीकृत हैं, जिनमें से 311 केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। वर्ष 2025 में तीन तथा वर्ष 2026 में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। अनियमितताओं के चलते तीन केंद्रों का पंजीकरण रद्द किया गया तथा पांच अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील किया गया। जिले में 333 पंजीकृत एमटीपी केंद्र हैं, जिनमें से 217 का निरीक्षण किया गया है। वहीं जिले में 59 पंजीकृत एआरटी केंद्र संचालित हैं तथा 48 अपंजीकृत एआरटी केंद्रों को बंद कराया गया है। सहेली पहल के तहत एक से अधिक बेटियों वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से जोड़ा गया है। वर्तमान में 1230 महिलाओं को सहेली नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस मौके एसीपी सुशीला, पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रदीप, आरएमओ डॉ. हरीश, डीसीओ-2 सुरेश, डीसीओ-3 मुकेश, एनसीडीपीओ अनुपमा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सामान्य प्रश्न

पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की बैठक कब हुई?
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक मंगलवार को हुई।
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