
कोहरे की वजह से ट्रेन और बस साढ़े तीन घंटे तक की देरी से पहुंच रहीं
गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में घने कोहरे के कारण यातायात में भारी रुकावट आई है। बसें और ट्रेनें ढाई से साढ़े तीन घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। यात्रियों को कड़ाके की ठंड में स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कोहरे ने दृश्यता को 50 मीटर तक कम कर दिया है, जिससे वाहन धीमी गति से चलाए जा रहे हैं।
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी और आसपास के इलाकों में पड़ रहे घने कोहरे ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है, जिससे बसें और ट्रेनें ढाई से साढ़े तीन घंटे तक की देरी से गुरुग्राम पहुंच रही हैं। यात्रियों को कड़ाके की ठंड के बीच स्टेशनों और बस अड्डों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कोहरे की वजह से दृश्यता का स्तर 50 मीटर रहने से वाहन चालकों को शनिवार सुबह दिल्ली-जयपुर हाईवे समेत अंदरूनी सड़कों पर हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर चलना पड़ा।
सुबह चार बजे से चलने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने से चालकों को बसें बेहद धीमी गति से चलानी पड़ रही हैं। सबसे अधिक प्रभावित होने वाले रूटों में चंडीगढ़, हिसार, सिरसा, जयपुर और पंचकूला शामिल हैं। इन रूटों पर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि कोहरे के कारण सफर का समय दो से ढाई घंटे बढ़ गया है। बस अड्डों पर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो ठिठुरती ठंड में अपनी बस का इंतजार कर रहे हैं। ये ट्रेनें देरीं से पहुंचीं रेलवे ट्रैक पर भी कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है। लंबी दूरी की 10 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से चल रही हैं। गुरुग्राम से होकर चलने वाली आला हजरत एक्सप्रेस ट्रेन 3 घंटे 34 मिनट देरी से चली, गरीब नवाज एक्सप्रेस 3 घंटे 24 मिनट देरी से, शालिमार मलानी एक्सप्रेस 2 घंटे 50 मिनट देरी से और बीकानेर एक्सप्रेस 33 मिनट देरी से पहुंची। इसके अलावा दिल्ली-रेवाड़ी के बीच चलने वाली छह से अधिक पैसेंजर ट्रेन भी कोहरे के कारण कोई आधे घंटे तो कोई डेढ घंटे से पहुंची। इस कारण रेल यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो विशेष ट्रेन का संचालन होगा राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर लगने वाले उर्स मेले को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत दी है। रेलवे 22 दिसंबर से दो विशेष उर्स स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर रहा है, जिनका ठहराव रेवाड़ी स्टेशन पर होगा और इनमें से एक ट्रेन गुड़गांव में भी रुकेगी। आजमगढ़-अजमेर उर्स स्पेशल (05105/05106) यह ट्रेन 24 दिसंबर को आजमगढ़ से शाम 5:30 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:30 बजे अजमेर पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 05106, 26 दिसंबर को अजमेर से रात 9:00 बजे चलकर अगले दिन सुबह आजमगढ़ पहुंचेगी। इस ट्रेन का लाभ गुड़गांव के यात्रियों को भी मिलेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और नियमित ट्रेनों में भीड़ का दबाव भी कम होगा। शहर में दो वर्ष बाद शनिवार सबसे सर्द रहा जिले में शनिवार को न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इससे पहले साल 2023 में 6.5 डिग्री सेल्सियस और साल 2024 में 7.5 डिग्री सेल्सियस तापमान 20 दिसंबर को दर्ज किया गया था। दो साल बाद 20 दिसंबर सबसे सर्द दिन रहा है। हालांकि शुक्रवार को शहर का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था और अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बीते 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अधिकतम तापमान में कोई बदलाव दर्ज नहीं कयिा गया है। पिछले सात साल में 20 दिसंबर को अधिकतम-न्यूनतम तापमान साल अधिकतम न्यूनतम 2025 20.8 डिग्री सेल्सियस 6.4 डिग्री सेल्सियस 2024 23.3 डिग्री सेल्सियस 7.5 डिग्री सेल्सियस 2023 23.5 डिग्री सेल्सियस 6.5 डिग्री सेल्सियस 2022 23.2 डिग्री सेल्सियस 6.3 डिग्री सेल्सियस 2021 19.2 डिग्री सेल्सियस 3.2 डिग्री सेल्सियस 2020 21.8 डिग्री सेल्सियस 3.4 डिग्री सेल्सियस हवा फिर दमघोंटू रही शनिवार को फिर शहर की हवा दमघोंटू हो गई। गुरुग्राम का एक्यूआई 362 दर्ज किया गया है जबकि मानेसर का एक्यूआई 328 दर्ज किया गया है। यह बेहद खराब श्रेणी में पहुंच चुका है। ग्वाल पहाड़ी का एक्यूआई 352 दर्ज किया गया है, सेक्टर-51 का एक्यूआई 388,टेरीग्राम 352 और विकास सदन का एक्यूआई 366 दर्ज किया गया है। इस कारण आम जनजीवन पर सीधा असर देखने को मिला। सुबह के समय घने कोहरे की चादर छाई रही। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। दोपहर में जैसे ही हल्की धूप निकली, लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन इसके साथ ही आसमान में स्माग की मोटी परत साफ दिखाई देने लगी। ऊंची-ऊंची इमारतें धुंध और धुएं में लिपटी नजर आईं, जिससे शहर की हवा की गंभीर स्थिति उजागर हो गई। प्रदूषण के बढ़ते स्तर का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखा। अस्पतालों में आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और सिरदर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी।

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