
मकर संक्रांति: श्रद्धा के साथ मनाई गई मकर संक्रांति
- दान, पूजा और पतंगों की उड़ान, गुरुग्राम में मकर संक्रांति का उत्सव मकर संक्रांति: श्रद्धा के साथ मनाई गई मकर संक्रांति
- स्कूल-कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाजारों में तिल-गुड़ और रेवड़ी की धूम - सेक्टरों और कॉलोनियों में भंडारे, कंबल वितरण और सामूहिक आयोजन गुरुग्राम, संवाददाता। मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार की सुबह शहर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। लोगों ने दिन की शुरुआत पूजा-पाठ, स्नान और दान-पुण्य के साथ की। सुबह से ही जिले भर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। शहर के शीतला माता मंदिर, सेक्टर-4 स्थित चिंतपूर्णी मंदिर, श्रीकृष्ण मंदिर, प्रेम मंदिर, सुदर्शन माता मंदिर, गुफा वाले मंदिर, सेक्टर-10 स्थित शिव मंदिर समेत शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। दर्शन के बाद लोगों ने जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान किया। दोपहर से लेकर शाम तक विभिन्न मंदिरों और कॉलोनियों में लंगर और खिचड़ी भंडारों का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। शहर के रेलवे रोड, न्यू कॉलोनी, बसई, सेक्टर-10, सुखराली, ओल्ड दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में खिचड़ी, दही, मूंगफली और रेवड़ी का वितरण किया गया। मकर संक्रांति के दिन मौसम भी सुहाना रहा, जिससे मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड के चलते मंदिरों में भीड़ कम थी, लेकिन संक्रांति के दिन सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का जमावड़ा लगा रहा। लोगों ने बढ़-चढ़कर खिचड़ी का महाभोग चढ़ाया और श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया। सेक्टर-4 स्थित श्रीकृष्ण मंदिर के पुजारी अतुल शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति को उत्तरायण भी कहा जाता है। इसी दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं और खरमास समाप्त हो जाता है, जिसके बाद सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। उन्होंने बताया कि इस दिन गुड़-तिल और खिचड़ी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि खिचड़ी खाने से ग्रहों की दशा सुधरती है, इसलिए कई स्थानों पर इस पर्व को खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। शहर में बच्चों ने भी मकर संक्रांति का भरपूर आनंद लिया। कई इलाकों में बच्चों ने पतंगबाजी की और आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। वहीं सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने स्लम एरिया और जरूरतमंद बस्तियों में जाकर मिठाई, मूंगफली और रेवड़ी बांटी, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी। पूरे दिन गुरुग्राम में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया, जिसमें परंपरा और दान-पुण्य की सुंदर झलक देखने को मिली। द्रोणाचार्य गवर्नमेंट कॉलेज में मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर कॉलेज की प्रिंसिपल पुष्पा अंतिल और कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल वीरेंद्र अंतिल मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मकर संक्रांति के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया और छात्रों को भारतीय परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया गया। वहीं सेक्टर-50 क्षेत्र में सामाजिक सहभागिता के तहत झुग्गी-बस्तियों के बच्चों के साथ मकर संक्रांति की खुशियां मनाई गईं। बच्चों को खिचड़ी, मिठाई, मूंगफली और रेवड़ी बांटी गई। बच्चों ने उत्साह के साथ पर्व में भाग लिया, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया। मकर संक्रांति के अवसर पर भाजपा गुरुग्राम द्वारा हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें पदाधिकारियों ने संगठन की प्रगति और जनकल्याण की कामना की। जिला मीडिया प्रभारी हितेश चौधरी ने बताया कि इस दौरान जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी के नेतृत्व में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा भी की गई। समीक्षा बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष नितिन नवीन के ऐतिहासिक स्वागत और विभिन्न विभागों द्वारा निभाए गए दायित्वों पर गहन चर्चा हुई। मंच व्यवस्था, मीडिया समन्वय और अनुशासन जैसे कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य के आयोजनों को अधिक प्रभावी बनाने पर सुझाव साझा किए गए। पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनसंपर्क को मजबूत करने का संकल्प लेते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की।

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